नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वच्छ ऊर्जा और पूर्वोत्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े दो अहम फैसलों पर मुहर लगी है। सरकार ने GOBARdhan (गोबरधन) बायोगैस योजना को मंजूरी देने के साथ-साथ असम में बाईहाटा चारियाली से तेजपुर तक 135 किलोमीटर लंबे फोर-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-15) के निर्माण को भी स्वीकृति दी है। इन दोनों परियोजनाओं पर कुल मिलाकर करीब 32 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद इन फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए अवसर पैदा करना और देश के सड़क नेटवर्क को मजबूत करना है।
GOBARdhan योजना से गांवों में बढ़ेगी आय और स्वच्छ ऊर्जा
सरकार की नई योजना के तहत कृषि अवशेष, पशुओं के गोबर और अन्य जैविक कचरे का उपयोग कर बड़े स्तर पर कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) का उत्पादन बढ़ाया जाएगा। इससे किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में बायोमास आधारित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाए और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम हो।
GOBARdhan योजना किन आधारों पर काम करेगी?
नई योजना को छह प्रमुख स्तंभों पर तैयार किया गया है-
कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) की सुनिश्चित खरीद की व्यवस्था।
कीमतों में स्थिरता बनाए रखने का प्रावधान।
बायोगैस प्लांट लगाने के लिए पूंजीगत सहायता (CAPEX Support)।
गैस आपूर्ति के लिए पाइपलाइन नेटवर्क का विकास।
MSME और महिला उद्यमियों के लिए क्रेडिट गारंटी सुविधा।
नई तकनीक और नवाचार को बढ़ावा।
PNG और City Gas Network से जुड़ेगा बायोगैस
सरकार बायोगैस परियोजनाओं को मौजूदा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी कर रही है। इससे बायोगैस सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जा सकेगी और गैस वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी।
10 साल में 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य
सरकार ने अगले दस वर्षों में देश में CBG उत्पादन को 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। सरकारी अनुमान के अनुसार-
करीब 1.5 लाख नए रोजगार पैदा होंगे।
किसानों की आय बढ़ेगी।
कृषि अवशेषों का बेहतर उपयोग होगा।
देश की जीडीपी में लगभग 75 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त योगदान मिल सकता है।
असम में बनेगा 135 किलोमीटर लंबा फोर-लेन हाईवे
कैबिनेट ने असम में बाईहाटा चारियाली से तेजपुर तक NH-15 को चार लेन में विकसित करने की परियोजना को भी मंजूरी दी है। करीब 8,970 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर विकसित की जाएगी। इससे असम के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड की सड़क कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी।
हाईवे परियोजना की खास बातें
नई सड़क परियोजना में शामिल होंगे-
135 किलोमीटर फोर-लेन हाईवे
15 बड़े पुल
लगभग 30 छोटे पुल
19 फ्लाईओवर
5 बाईपास
भविष्य में इस मार्ग को प्रस्तावित ब्रह्मपुत्र सुरंग से भी जोड़ा जाएगा, जिससे पूर्वोत्तर राज्यों तक आवागमन और आसान होगा।
क्या होगा फायदा?
इन दोनों परियोजनाओं के लागू होने के बाद-
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर बनेंगे।
स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
किसानों को जैविक संसाधनों से अतिरिक्त कमाई का मौका मिलेगा।
पूर्वोत्तर राज्यों की सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
व्यापार, पर्यटन और परिवहन गतिविधियों को गति मिलेगी।
सरकार का फोकस क्या है?
केंद्र सरकार का कहना है कि ये फैसले केवल आधारभूत ढांचे के विकास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा हैं। बायोगैस और आधुनिक सड़क नेटवर्क दोनों ही आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक वृद्धि को नई रफ्तार देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।