भोपाल। मध्य प्रदेश में लंबित पदोन्नति और सेवा संबंधी मांगों को लेकर पटवारियों का असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। गुरुवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों में पटवारी संघ के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट कार्यालयों के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। विरोध दर्ज कराने के लिए कर्मचारियों ने काले वस्त्र धारण किए और मानव श्रृंखला बनाकर सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान पटवारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने, लंबित सेवा मामलों का निपटारा करने और विभागीय व्यवस्थाओं में सुधार की मांग उठाई।
पदोन्नति नहीं होने से बढ़ रही नाराजगी
पटवारी संघ का कहना है कि लंबे समय से प्रमोशन प्रक्रिया ठप पड़ी हुई है। कई कर्मचारी वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत हैं, जिससे उनके करियर की प्रगति प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों का कहना है कि समय पर पदोन्नति न मिलने से कार्य के प्रति उत्साह भी प्रभावित हो रहा है। संघ के अनुसार, केवल प्रमोशन ही नहीं बल्कि कई प्रशासनिक और सेवा संबंधी मुद्दे भी लंबे समय से लंबित हैं, जिनका समाधान अब तक नहीं हो सका है।
ज्ञापन देने के बावजूद नहीं निकला समाधान
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इससे पहले कई बार शासन और प्रशासन को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों के सामने मांगें रखी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया। इसी कारण कर्मचारियों ने प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया। पटवारी संघ का कहना है कि यदि सरकार सकारात्मक पहल करती है तो आंदोलन समाप्त किया जा सकता है।
काले कपड़ों में दर्ज कराया विरोध
विरोध प्रदर्शन को प्रतीकात्मक रूप देने के लिए पटवारियों ने काले कपड़े पहनकर कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर मानव श्रृंखला बनाई। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनी। संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि सरकार तक अपनी जायज मांगों को प्रभावी तरीके से पहुंचाना है।
आंदोलन को लेकर दी बड़ी चेतावनी
पटवारी संघ ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि पदोन्नति और अन्य लंबित मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा। संगठन का कहना है कि जरूरत पड़ने पर प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। संघ का मानना है कि समय रहते निर्णय होने से कर्मचारियों में बढ़ती नाराजगी को कम किया जा सकता है और विभागीय कार्य भी अधिक प्रभावी ढंग से संचालित होंगे।
क्या हैं पटवारियों की प्रमुख मांगें?
वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की जाए।
सेवा संबंधी लंबित प्रकरणों का जल्द निराकरण हो।
विभागीय कार्यप्रणाली में आवश्यक सुधार किए जाएं।
कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए समयबद्ध व्यवस्था बनाई जाए।
आगे क्या होगा?
फिलहाल पटवारी संघ सरकार के जवाब का इंतजार कर रहा है। यदि जल्द सकारात्मक पहल नहीं होती, तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जा सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला प्रशासन और सरकार के लिए अहम मुद्दा बन सकता है।