भोपाल: मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 11 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही कई अन्य जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक और 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
इन 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
6 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 7 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक मुरैना, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, पन्ना, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, नर्मदापुरम, सागर, रीवा, शहडोल और अन्य कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली चमकने और करीब 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।
अब भी सामान्य से कम है मानसून की बारिश
मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में सीधी जिले में 75 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में औसतन 19 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
पूर्वी मध्यप्रदेश: सामान्य से 23% कम बारिश
पश्चिमी मध्यप्रदेश: सामान्य से 16% कम बारिश
विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों की बारिश से इस कमी में कुछ हद तक सुधार हो सकता है।
अगले 5 दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
7 अगस्त
गुना, शिवपुरी, मुरैना, श्योपुर, सागर, छतरपुर और टीकमगढ़ में भारी बारिश की संभावना है। बाकी अधिकांश जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
8 अगस्त
राजगढ़, नर्मदापुरम, नीमच, गुना, रीवा, मऊगंज और सागर जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
9 अगस्त
भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा और मऊगंज जिलों में तेज बारिश की संभावना है। अन्य जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा।
10 अगस्त
नीमच, पन्ना और छतरपुर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग की सलाह
बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में न रुकने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम अपडेट पर नजर रखने और कृषि कार्य उसी अनुसार करने की सलाह दी गई है।