उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसून सीजन की शुरुआत पर प्रदेशवासियों के नाम एक विशेष संदेश जारी किया है। अपने पत्र में उन्होंने वर्षा ऋतु को नवसृजन, समृद्धि और प्रकृति के साथ सामंजस्य का प्रतीक बताते हुए लोगों से पर्यावरण संरक्षण और जनसुरक्षा से जुड़े उपाय अपनाने की अपील की।
कृषि और प्रकृति का बताया महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है और किसानों की मेहनत ही प्रदेश तथा देश की खाद्य सुरक्षा की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि वर्षा की पहली फुहार किसानों के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करती है। साथ ही चातुर्मास के पावन काल का उल्लेख करते हुए प्रकृति के प्रति संवेदनशील और संतुलित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने की अपील
सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अपने परिवार की ओर से कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसके संरक्षण का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए तालाबों, पोखरों, अमृत सरोवरों, कुओं और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने की अपील की। उन्होंने घरों, स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने का भी आग्रह किया।
जैविक खेती और स्वच्छता पर दिया जोर
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने किसानों से जैविक खेती को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे स्वास्थ्य बेहतर होगा और टिकाऊ कृषि व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने बरसात के मौसम में स्वच्छता बनाए रखने और जलजनित एवं संक्रामक रोगों से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी।
जलभराव और प्लास्टिक कचरे से बचने की सलाह
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपने आसपास जलभराव न होने देने और नालियों को प्लास्टिक कचरे से मुक्त रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण और बेहतर जल निकासी व्यवस्था बरसात के दौरान कई समस्याओं को रोक सकती है।
आकाशीय बिजली और बाढ़ को लेकर सतर्क रहने की अपील
सीएम योगी ने चेतावनी दी कि मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने और अतिवृष्टि जैसी घटनाएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी। साथ ही नदियों और जलाशयों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने का आग्रह किया।
सरकार ने किए व्यापक इंतजाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मानसून से जुड़ी संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है, लेकिन जनसहयोग और जागरूकता से ही इन प्रयासों को सफल बनाया जा सकता है।