अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप सकती है। सूत्रों के मुताबिक, 150 से अधिक पन्नों की इस रिपोर्ट में दान राशि के प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख किया गया है।
छह दिन की जांच में जुटाए गए डिजिटल साक्ष्य
SIT ने पिछले छह दिनों में व्यापक जांच करते हुए बड़ी संख्या में लोगों के बयान दर्ज किए। जांच टीम ने बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य भी एकत्र किए हैं, जिन्हें रिपोर्ट का हिस्सा बनाया गया है।
5 लोगों के खिलाफ FIR की सिफारिश
प्रारंभिक जांच में कथित अनियमितताओं के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की गई है। जांच एजेंसी ने दान राशि की गणना, बैंकिंग प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था में कई खामियां सामने आने का दावा किया है।
40 गणनाकर्मी हटाए गए
जांच के दौरान करीब 40 गणनाकर्मियों को उनके दायित्वों से हटाया गया है। उनकी जगह नए कर्मचारियों की तैनाती की गई है ताकि दान राशि की गणना और प्रबंधन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके।
ट्रस्ट से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में
SIT ने मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों, कर्मचारियों और गणनाकर्मियों की भूमिका की भी जांच की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुछ अधिकारियों को अयोध्या में ही रुककर आगे की जांच जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अयोध्या छोड़ने पर रोक
सूत्रों के अनुसार, जांच पूरी होने तक मंदिर ट्रस्ट और संबंधित अधिकारियों को अयोध्या नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इससे जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आने देने का प्रयास किया जा रहा है।
रिपोर्ट के बाद हो सकती है कार्रवाई
रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपे जाने के बाद दोषियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जा सकता है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक लगातार मंथन जारी है।
हाईकोर्ट में भी होगी सुनवाई
इस मामले को लेकर दाखिल एक याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई संभावित है। याचिका में मामले की जांच सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की गई है।
अंतिम रिपोर्ट के लिए मिल सकता है अतिरिक्त समय
SIT की जांच अभी जारी है और प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद विस्तृत जांच आगे भी चल सकती है। अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए जांच दल को अतिरिक्त समय दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।