कोलकाता: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की चाल फिलहाल एक जैसी नहीं है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के कई हिस्सों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, जबकि मुंबई अभी भी मानसून के आधिकारिक आगमन का इंतजार कर रहा है। दूसरी ओर मध्य भारत के कई इलाकों में गर्मी और लू का असर बरकरार है।
मुंबई में बारिश की आहट, अलर्ट पर प्रशासन
मुंबई में सोमवार को मौसम ने करवट ली और कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। शहर में मानसून के जल्द पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक घोषणा मौसम संबंधी सभी मानकों के पूरे होने के बाद ही होगी।
बंगाल में बारिश से बढ़ी मुश्किलें
पश्चिम बंगाल में मानसून सक्रिय होने के साथ ही कोलकाता समेत कई जिलों में भारी बारिश हुई। कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। उत्तर बंगाल के पर्वतीय और सीमावर्ती जिलों में अत्यधिक बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
तमिलनाडु के कई जिलों में भारी वर्षा
दक्षिण भारत में भी मानसून का असर दिख रहा है। तमिलनाडु के पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कई राज्यों में गर्मी का प्रकोप जारी
जहां एक ओर कुछ राज्य बारिश से राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं मध्य भारत के कई हिस्से अब भी गर्मी की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और आसपास के इलाकों में अगले कुछ दिनों तक हीटवेव जैसी परिस्थितियां बने रहने की संभावना जताई है।
खेती और खाद्य कीमतों पर नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की असमान प्रगति का असर खरीफ फसलों पर पड़ सकता है। शुरुआती चरण में कई क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे कृषि क्षेत्र की चिंताएं बढ़ी हैं। हालांकि जलाशयों में पर्याप्त जल भंडारण फिलहाल राहत की खबर माना जा रहा है।