ब्यूनस आयर्स/वैंकूवर: साल 2010 की विश्व कप चैंपियन स्पेन की टीम इस बार पूरी तरह से युवा खिलाड़ियों के भरोसे मैदान पर है। कोच लुइस दे ला फुएंते ने युवा ब्रिगेड पर दांव लगाया था, लेकिन पहले ही मैच में केप वर्डे के खिलाफ गोलरहित (0-0) ड्रॉ खेलने के बाद टीम को भारी आलोचनाओं और तीखे सवालों का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि, रविवार की रात 'ला रोजा' (स्पेन) ने अपने सभी आलोचकों को मैदान पर खेल से जवाब दे दिया। स्टार युवा खिलाड़ी लामिने यामाल की शुरुआती एकादश (प्लेइंग इलेवन) में वापसी होते ही स्पेन अपने पुराने रंग में लौट आया और सऊदी अरब को 4-0 से करारी शिकस्त देकर फीफा विश्व कप 2026 में अपनी पहली जीत दर्ज की।
लामिने यामाल का धमाकेदार प्रदर्शन
टीम को वापस पटरी पर लाने के लिए कोच लुइस दे ला फुएंते ने इस मैच में कई बड़े बदलाव किए। चोट से उबरकर लौटे लामिने यामाल और दानी ओल्मो को शुरुआती एकादश में शामिल किया गया। यामाल ने मैच के शुरुआत से ही मैदान पर अपना दबदबा बनाया। उन्होंने मैच में कुल 32 पास दिए, जिनमें से 29 पूरी तरह सफल रहे। मैच के शुरुआती मिनटों में ही बाईं ओर से मिले एक क्रॉस पर यामाल ने डिफेंडर को छकाते हुए गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया। इस गोल के साथ ही वह विश्व कप इतिहास में स्पेन के दूसरे सबसे युवा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
मार्कस ओयारज़ाबाल का डबल धमाका, पहले हाफ में ही मैच मुट्ठी में
यामाल के गोल के ठीक 10 मिनट बाद मिकेल ओयारज़ाबाल का जादू देखने को मिला। ओयारज़ाबाल ने मैच के 21वें से 24वें मिनट के बीच (महज 3 मिनट के भीतर) बैक-टू-बैक दो शानदार गोल दागकर सऊदी अरब को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। 36वें मिनट में ओयारज़ाबाल के पास हैट्रिक बनाने का मौका था, लेकिन वह चूक गए। पहले हाफ की समाप्ति तक स्पेन ने 3-0 की मजबूत बढ़त बना ली थी।
दूसरे हाफ में सऊदी अरब की आत्मघाती गलती
दूसरे हाफ की शुरुआत में कोच ने रणनीति के तहत यामाल और ओयारज़ाबाल को आराम देकर फेरान टोरेस और येरेमी पिनो को मैदान पर उतारा। बदलाव के बावजूद स्पेन के आक्रमण की धार कम नहीं हुई। 49वें मिनट में स्पेन को एक कॉर्नर मिला, जिसे क्लियर करने के प्रयास में सऊदी अरब के डिफेंडर हसन अल-तामबकती ने आत्मघाती (ओन गोल) गोल कर दिया। इस गलती ने स्कोर 4-0 कर दिया, जिससे सऊदी अरब की टीम पूरी तरह पस्त हो गई। मैच के अंतिम क्षणों में निको विलियम्स और मिकेल मेरिनो ने भी सऊदी डिफेंस की कड़ी परीक्षा ली। इंजुरी टाइम में फेरान टोरेस ने पेड्रो पोरो के पास पर एक और गोल दागा था, लेकिन रेफरी ने उसे ऑफसाइड करार देते हुए खारिज कर दिया। आखिरकार, स्पेन ने 4-0 के स्कोर के साथ मैच अपने नाम किया।
ग्रुप में टॉप पर पहुंचा स्पेन
सऊदी अरब पर इस धमाकेदार जीत के बाद स्पेन दो मैचों में 4 अंकों के साथ अपने ग्रुप में शीर्ष (टेबल टॉपर) पर पहुंच गया है। अब ग्रुप स्टेज के अपने आखिरी मुकाबले में स्पेनिश टीम उरुग्वे की मजबूत चुनौती का सामना करेगी।