उप मुख्यमंत्री अरुण साव की घोषणा के बाद बिलासपुर जिले के कोटा नगर पंचायत को नगर पालिका का दर्जा दे दिया गया है। इस संबंध में राजपत्र में अधिसूचना का प्रकाशन भी हो चुका है। नगर पालिका का दर्जा मिलने से क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और योजनाबद्ध शहरी विकास का रास्ता साफ होगा।
जनभावनाओं और वादों को पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार जनता से किए गए वादों को पूरी निष्ठा के साथ पूरा कर रही है। उन्होंने बताया कि 14 अगस्त 2025 को जनभावनाओं के अनुरूप कोटा को नगर पालिका बनाने की घोषणा की गई थी और अब इस वादे को पूरा कर दिया गया है।
अरुण साव ने कहा कि कोटा को नगर पालिका का दर्जा देकर क्षेत्र के विकास की नई शुरुआत की गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी और नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
वैधानिक प्रक्रिया के तहत हुआ नगर पालिका का गठन
छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 5(1)(क) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए राज्य शासन ने नगर पालिका कोटा का गठन किया है। अधिसूचना के मुताबिक, पूर्व में नगर पंचायत कोटा के अंतर्गत आने वाला पूरा क्षेत्र ही अब नगर पालिका कोटा की सीमा में शामिल रहेगा। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार इस क्षेत्र की आबादी 18,405 है।
सरकार के फैसले से स्थानीय लोगों में खुशी
राज्य सरकार के इस फैसले का स्थानीय नागरिकों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि नगर पालिका का दर्जा मिलने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के साथ नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।