भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों मंत्रिमंडल विस्तार और विभागीय फेरबदल को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सत्ता और संगठन के गलियारों में इस बात को लेकर अटकलें तेज हैं कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई वाली सरकार में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सूत्रों की मानें तो कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करने के साथ-साथ कई मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किया जा सकता है। हालांकि, सरकार या भाजपा संगठन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में संभावित बदलावों को लेकर चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं।
प्रदर्शन रिपोर्ट के बाद बढ़ी हलचल
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में विभिन्न विभागों के कामकाज और उपलब्धियों की समीक्षा की गई है। इस समीक्षा के बाद कुछ मंत्रियों के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठने की चर्चा है। माना जा रहा है कि इसी आधार पर विभागों में बदलाव और मंत्रिपरिषद में फेरबदल का फैसला लिया जा सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी राजनीतिक समीकरणों और संगठनात्मक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार संतुलन साधने की कोशिश कर सकती है।
किन मंत्रियों के नाम चर्चा में?
राजनीतिक गलियारों में जिन मंत्रियों के नामों को लेकर चर्चाएं हो रही हैं, उनमें मंत्री विजय शाह, राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, राज्यमंत्री राधा सिंह और कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के नाम प्रमुख रूप से लिए जा रहे हैं। हालांकि, इन नामों को लेकर न तो सरकार और न ही भाजपा संगठन की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है।
नए चेहरों को मिल सकता है मौका
संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कई नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। सागर क्षेत्र से विधायक प्रदीप लारिया, पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी के नाम राजनीतिक हलकों में प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। इसके अलावा महिला प्रतिनिधित्व को लेकर भी मंथन जारी है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार रीति पाठक और वरिष्ठ भाजपा नेता मालिनी गौड़ के नामों पर भी विचार किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
कुछ राज्यमंत्रियों को मिल सकती है पदोन्नति
सूत्रों के मुताबिक, संभावित फेरबदल में कुछ राज्यमंत्रियों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया जा सकता है। इससे क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि, अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री स्तर पर होने वाले मंथन के बाद ही सामने आएगा।
मुख्यमंत्री समेत 31 सदस्य हैं मंत्रिपरिषद में
वर्तमान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित मंत्रिपरिषद में कुल 31 सदस्य हैं। बताया जा रहा है कि अभी भी कुछ पद रिक्त हैं, जिसके चलते लंबे समय से मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें लगाई जा रही हैं। अगर विस्तार होता है तो इसका असर आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक समीकरणों पर भी देखने को मिल सकता है।
किन नामों को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा?