चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोरईस्वामी ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया है। उन्होंने यात्रियों को यात्रा से जुड़ी आवश्यक जानकारी देते हुए स्वास्थ्य, मौसम और ऊंचाई से संबंधित चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।
यात्रा मार्ग और सुविधाओं का किया निरीक्षण
राजदूत विक्रम दोरईस्वामी और भारतीय दूतावास की टीम ने कैलाश पर्वत की परिक्रमा मार्ग और यात्रा के आधिकारिक प्रवेश बिंदुओं का दौरा किया। उन्होंने उन होटलों का भी निरीक्षण किया, जहां श्रद्धालुओं को ठहराया जाएगा। इस दौरान कमरों, रसोई व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाओं की भी जांच की गई।
ऊंचाई और मौसम को लेकर दी चेतावनी
राजदूत ने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा बेहद ऊंचाई वाले क्षेत्र में होती है। अधिकांश समय यात्री समुद्र तल से 3,500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर रहेंगे, जबकि परिक्रमा मार्ग लगभग 5,605 मीटर तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र का मौसम बेहद तेजी से बदलता है और एक ही दिन में बर्फबारी, बारिश और तेज धूप जैसी परिस्थितियां देखने को मिल सकती हैं।
स्वास्थ्य और तैयारी पर दिया जोर
श्रद्धालुओं को पर्याप्त गर्म कपड़े, जरूरी दवाइयां और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। उन्होंने विशेष रूप से ऑक्सीजन स्तर और ऊंचाई से होने वाली समस्याओं को ध्यान में रखने को कहा।
500 श्रद्धालु करेंगे यात्रा
इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो रही है। चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की यात्रा के लिए कुल 500 भारतीय श्रद्धालुओं का चयन किया गया है। यात्रियों को 50-50 लोगों के 10 समूहों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक समूह के साथ एक संपर्क अधिकारी और एक मेडिकल सहायक भी रहेगा।
हर 12 साल में आने वाला विशेष वर्ष
राजदूत ने बताया कि यह वर्ष स्थानीय तिब्बती और चीनी कैलेंडर के अनुसार विशेष धार्मिक महत्व रखता है। ऐसे में यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की अधिक भीड़ देखने को मिल सकती है। उन्होंने यात्रियों से धैर्य और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है।