कोलकाता: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपना पहला पूर्ण बजट पेश किया। वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने बजट 2026-27 में सरकारी कर्मचारियों, महिलाओं, युवाओं, किसानों और सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए। बजट में एक तरफ जहां सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की गई, वहीं दूसरी ओर एक लाख सरकारी नौकरियों, महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण और अन्नपूर्णा योजना के लिए 36 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान ने सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित किया।
सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, 20% बढ़ा DA
राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 20 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की है। यह बढ़ोतरी 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी। इसके बाद कर्मचारियों का कुल DA बढ़कर 38 प्रतिशत हो जाएगा। इससे केंद्र और राज्य के कर्मचारियों के DA के बीच का अंतर काफी कम हो जाएगा।
एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती, महिलाओं को 33% आरक्षण
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि राज्य में एक लाख रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें 20 हजार पद पुलिस विभाग और 50 हजार पद शिक्षा विभाग में भरे जाएंगे। नई नियुक्तियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। साथ ही जहां संभव होगा, वहां 10 प्रतिशत पद अग्निवीरों के लिए आरक्षित रहेंगे।
अन्नपूर्णा योजना के लिए 36 हजार करोड़ रुपये
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने अन्नपूर्णा योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 3000 रुपये की सहायता जारी रखने का निर्णय लिया है। इसके लिए बजट में 36 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा जाएगा।
आशा कर्मियों, सिविक वॉलंटियर और होमगार्ड के मानदेय में बढ़ोतरी
सरकार ने आशा कर्मियों के मासिक मानदेय में 5000 रुपये की वृद्धि की घोषणा की है। वहीं सिविक वॉलंटियर, विलेज पुलिस, ग्रीन पुलिस और होमगार्ड के मानदेय में 2000 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी की गई है। राज्य परिवहन निगम के संविदा कंडक्टरों का वेतन बढ़ाकर 16 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा।
महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा, जल्द आएगा पिंक कार्ड
महिलाओं की सुविधा के लिए मुफ्त बस सेवा योजना को जारी रखते हुए सरकार ने 550 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। वित्त मंत्री ने बताया कि जल्द ही "पिंक कार्ड" शुरू किया जाएगा, जिसके जरिए महिलाएं राज्य परिवहन सेवाओं में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी।
गर्भवती महिलाओं को मिलेगा 21 हजार रुपये का सहयोग
बजट में गर्भवती महिलाओं के लिए 21 हजार रुपये की वित्तीय सहायता और छह पोषण किट देने की भी घोषणा की गई है। सरकार का दावा है कि इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूती मिलेगी।
शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला विकास को सबसे ज्यादा प्राथमिकता
बजट दस्तावेजों के अनुसार महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग को सबसे अधिक 52,308.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके बाद विद्यालय शिक्षा विभाग को 44,148.21 करोड़ रुपये और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को 24,753.72 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है।
उच्च शिक्षा विभाग के लिए 7,168.60 करोड़ रुपये, जनस्वास्थ्य तकनीकी विभाग के लिए 12,935.33 करोड़ रुपये तथा नगर विकास एवं नगर पालिका मामलों के लिए 14,609.77 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल मिलाकर 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है।
कृषि, उद्योग और बुनियादी ढांचे पर भी फोकस
कृषि विभाग को 8,655.84 करोड़ रुपये, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को 8,053 करोड़ रुपये तथा लोक निर्माण विभाग (PWD) को 7,240.13 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा बिजली विभाग को 5,345.16 करोड़ रुपये, सिंचाई विभाग को 3,699.11 करोड़ रुपये और उद्योग, वाणिज्य एवं उद्यम विभाग को 3,266.59 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और विकसित बंगाल का लक्ष्य
वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राज्य पर 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है, लेकिन सरकार "विकसित बंगाल" के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास बहाल करना और पारदर्शी शासन देना सरकार की प्रतिबद्धता है।
पश्चिम बंगाल बजट 2026-27 को कर्मचारियों, महिलाओं, युवाओं और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर केंद्रित बजट माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि यह बजट राज्य के आर्थिक पुनर्निर्माण, रोजगार सृजन और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।