मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यूसीसी को लेकर आम जनता से ऑनलाइन सुझाव लेने की प्रक्रिया आज समाप्त हो रही है। वहीं, राज्य सरकार आगामी जुलाई में शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में यूसीसी विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है।
भोपाल में होगी अहम बैठक
यूसीसी के मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को भोपाल में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति की मौजूदगी में होगी। बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, धर्मगुरु, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न आयोगों के सदस्य शामिल होंगे।
सभी पक्षों से लिए जाएंगे सुझाव
भोपाल स्थित नरोन्हा प्रशासन अकादमी में सुबह से शाम तक बैठकों का दौर चलेगा। सरकार का उद्देश्य यूसीसी के मसौदे को अंतिम रूप देने से पहले सभी वर्गों और हितधारकों की राय लेना है। बैठक में महिला एवं बाल आयोग, अन्य आयोगों के प्रतिनिधि और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के सदस्य अपने सुझाव रखेंगे।
धर्मगुरुओं और राजनीतिक दलों से होगा संवाद
कार्यक्रम के तहत दोपहर में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा होगी, जबकि शाम को विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं से विचार-विमर्श किया जाएगा। समिति यूसीसी के सामाजिक, कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर सुझाव जुटाएगी।
विधानसभा सत्र में पेश हो सकता है विधेयक
राज्य सरकार यूसीसी का अंतिम प्रारूप तैयार कर 20 जुलाई से प्रस्तावित विधानसभा सत्र में विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है। इस दिशा में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सभी अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों और सचिवों को समिति के समक्ष अपने सुझाव प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।
अंतिम मसौदे पर टिकी निगाहें
ऑनलाइन सुझावों की समय-सीमा समाप्त होने के बाद प्राप्त सुझावों और बैठकों में मिली राय के आधार पर यूसीसी का अंतिम मसौदा तैयार किया जाएगा। इसके बाद सरकार विधेयक को विधानसभा में पेश करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।