ग्वालियर: मध्यप्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर रोड पर रविवार, 18 अक्टूबर की देर रात दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। धान से भरा एक ट्रक पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर ढलान से नीचे आया और सड़क पर मौजूद श्रद्धालुओं को कुचल दिया। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 33 लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब सड़क पर पुलिस चेक-पॉइंट और बैरिकेडिंग मौजूद थी, तो ट्रक श्रद्धालुओं तक कैसे पहुंच गया?
चश्मदीद ने बताया हादसे का आंखों देखा हाल
हादसे के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि घटना रात करीब 1 बजे हुई। उसने कुछ लोगों को मौके पर ही दम तोड़ते देखा। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, ट्रक में क्षमता से अधिक सामान भरा हुआ था। ट्रक अचानक आया और सड़क किनारे मौजूद कुछ दुकानों और लोगों को कुचलता चला गया।प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसे में उसके भाई को भी चोटें आई हैं। घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोग घायलों की मदद करने में जुट गए और पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर ढलान से नीचे आया ट्रक
ग्वालियर के एसएसपी के मुताबिक, दुर्गाष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शीतला माता मंदिर जा रहे थे। छिनोर की ओर से आने वाली सड़क पर तीखी ढलान है, जहां भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है।एसएसपी ने बताया कि रात करीब 1:30 बजे धान से भरे ट्रक को वहां रोकने का प्रयास किया गया था, लेकिन ट्रक पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर आगे निकल गया। इसके बाद चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। ट्रक ढलान से नीचे आया और मंदिर की बाहरी दीवार तथा गेट से जा टकराया।इस दौरान सड़क पर मौजूद कई श्रद्धालु ट्रक की चपेट में आ गए। हादसे में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
13 लोगों की मौत, 33 घायल, कई की हालत गंभीर
हादसे में 13 लोगों की मौत और 33 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।एसएसपी ने बताया कि 5 से 6 घायलों की हालत गंभीर है। उन्हें फ्रैक्चर जैसी चोटें आई हैं, जबकि अन्य घायलों को अपेक्षाकृत मामूली चोटें आई हैं। सभी घायलों का इलाज किया जा रहा है।
कलेक्टर ने दिए ट्रक की तकनीकी जांच के निर्देश
ग्वालियर की कलेक्टर ने बताया कि नवरात्रि के दौरान संबंधित सड़क पर बैरियर और पुलिस चेक-पॉइंट मौजूद थे। इसके बावजूद ट्रक प्रतिबंधित मार्ग पर कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है।कलेक्टर के मुताबिक, ट्रक की तकनीकी स्थिति की जांच के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की टीम भेजी गई है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि ट्रक में कोई तकनीकी खराबी आई थी या नहीं और वह बाईं ओर कैसे मुड़ गया।
पुलिस चेक-पॉइंट के बावजूद कैसे हुआ हादसा?
शीतला माता मंदिर रोड पर हुए इस हादसे ने भारी वाहनों की आवाजाही और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जब ढलान पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी, तो ट्रक वहां तक कैसे पहुंचा?
पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ने के बाद ट्रक को समय रहते क्यों नहीं रोका जा सका?
क्या ट्रक में तकनीकी खराबी थी या ओवरलोड होने के कारण चालक नियंत्रण खो बैठा?
नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजाम पर्याप्त थे या नहीं?
फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे। ट्रक की तकनीकी जांच और प्रशासन की पड़ताल से हादसे की परिस्थितियों को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।