देश में लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। उनका दावा है कि पिछले कुछ महीनों में खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिससे परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
आम आदमी के लिए दो वक्त का भोजन भी हो रहा मुश्किल
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने पोस्ट में कहा कि महंगाई का बोझ लगातार बढ़ रहा है और ताजा आंकड़े बताते हैं कि आम नागरिक के लिए दो वक्त का भोजन जुटाना भी पहले की तुलना में अधिक कठिन हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि खाने के तेल, दाल, चीनी, नमक, दूध और आटे जैसी आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि सब्जियों की कीमतें पहले से ही आम लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं।
16 में से 15 आवश्यक खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने का दावा
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि खाने-पीने की 16 आवश्यक वस्तुओं में से 15 की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उनके अनुसार खाद्य महंगाई का सबसे अधिक असर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है, क्योंकि उनकी आय का बड़ा हिस्सा रोजमर्रा की जरूरतों पर खर्च होता है।
ईंधन और बिजली की बढ़ी कीमतों का भी उठाया मुद्दा
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि लोग पहले से ही पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, घरेलू रसोई गैस और बिजली की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की महंगाई ने आम लोगों की आर्थिक मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।
भाजपा सरकार पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई के बावजूद केंद्र सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने कहा कि जनता महंगाई की मार झेल रही है, लेकिन सरकार की ओर से प्रभावी कदम दिखाई नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि यदि सरकार समय रहते आवश्यक कदम उठाए तो खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
जमाखोरी और बिचौलियों पर कार्रवाई की मांग
कमलनाथ ने सरकार से मांग की कि खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सख्त और प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने वाले बिचौलियों और जमाखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की, ताकि आवश्यक वस्तुएं उचित कीमत पर आम उपभोक्ताओं को उपलब्ध हो सकें।
महंगाई फिर बनी राजनीतिक मुद्दा
त्योहारी सीजन से पहले बढ़ती महंगाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष सरकार को महंगाई के मुद्दे पर घेर रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।