भोपाल: मध्य प्रदेश बीजेपी की आगामी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक इस बार राम राजा की नगरी ओरछा में आयोजित होने जा रही है। 30 और 31 अगस्त को होने वाली इस दो दिवसीय बैठक की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में यह पहली कार्यसमिति बैठक होगी, जिसके चलते संगठन के लिहाज से इसे बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक में बीजेपी का मुख्य फोकस मिशन 2028 को लेकर संगठनात्मक और चुनावी रणनीति तैयार करने पर रहेगा। पार्टी अगले तीन महीनों के कार्यक्रमों और अभियानों की रूपरेखा तय करने के साथ-साथ आगामी विधानसभा चुनाव के लिए लंबी अवधि की रणनीति पर भी मंथन करेगी।
मिशन 2028 के लिए बनेगा ‘जंबो प्लान’
दो दिन तक चलने वाली कार्यसमिति बैठक में बीजेपी राज्य में संगठन को और मजबूत करने के लिए व्यापक योजना तैयार करेगी। पार्टी अगले तीन महीनों के लिए संगठनात्मक गतिविधियों, अभियानों और कार्यक्रमों का रोडमैप तैयार कर सकती है। इसके साथ ही 2028 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बूथ स्तर से लेकर विधानसभा स्तर तक संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा होगी। पार्टी का लक्ष्य चुनाव से काफी पहले संगठन को सक्रिय कर जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करना है।
दतिया में हार की भी होगी समीक्षा
बैठक में दतिया में बीजेपी की हार भी अहम मुद्दा हो सकती है। पार्टी नेतृत्व वहां के राजनीतिक हालात और चुनावी नतीजों की समीक्षा करेगा। हार के संभावित कारणों पर चर्चा के साथ यह भी मंथन होगा कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से कैसे बचा जाए। वरिष्ठ पदाधिकारी संगठन की कमियों और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता को लेकर भी चर्चा कर सकते हैं।
106 कार्यसमिति सदस्यों को मिल सकती है विधानसभा की जिम्मेदारी
बीजेपी का फिलहाल सबसे ज्यादा जोर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत और सक्रिय करने पर है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, कार्यसमिति के सभी 106 सदस्यों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर विचार किया जा सकता है। इसका उद्देश्य बूथ स्तर तक संगठन की पकड़ मजबूत करना और कार्यकर्ताओं को ज्यादा सक्रिय बनाना है। ‘हर बूथ, सबसे मजबूत’ अभियान के तहत पार्टी उन क्षेत्रों में भी अपना प्रभाव बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है, जिन्हें अब तक विपक्षी दलों का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।
Gen Z और Gen Alpha पर बीजेपी की नजर
कार्यसमिति में बीजेपी की नई पीढ़ी तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है। खासतौर पर Gen Z और Gen Alpha को पार्टी के साथ जोड़ने के लिए नए आउटरीच और कम्युनिकेशन मॉडल पर विचार किया जा सकता है। पार्टी की रणनीति लंबे भाषणों के बजाय युवाओं की डिजिटल आदतों के अनुरूप Instagram Reels, YouTube Shorts और Moj जैसे प्लेटफॉर्म पर छोटे और क्रिएटिव वीडियो के जरिए सरकारी योजनाओं और पार्टी की विचारधारा को लोगों तक पहुंचाने की हो सकती है। बीजेपी का मानना है कि नई पीढ़ी तक प्रभावी तरीके से पहुंचने के लिए उसकी भाषा, पसंद और डिजिटल व्यवहार को समझना जरूरी है। ऐसे में डिजिटल कम्युनिकेशन आने वाले वर्षों में पार्टी की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।
संगठन विस्तार पर रहेगा जोर
ओरछा में होने वाली कार्यसमिति बैठक को प्रदेश बीजेपी के लिए संगठनात्मक दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने, युवाओं को जोड़ने और 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को समय से पहले गति देने पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है।