भोपाल! मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी अब पिछड़ा वर्ग यानी OBC की सामाजिक और राजनीतिक हिस्सेदारी का विस्तृत आकलन करने की तैयारी में है। पार्टी संगठन स्तर पर इंटरनल सर्वे कराएगी, जिसमें यह पता लगाया जाएगा कि OBC की किन जातियों को सत्ता और संगठन में अब तक पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। इस सर्वे के तहत मध्यप्रदेश की OBC सूची में शामिल सभी 93 जातियों का डेटा जुटाया जाएगा। इसमें संबंधित जाति के प्रमुख नेताओं, संगठन और सरकार में मिले प्रतिनिधित्व तथा प्रतिनिधित्व की कमी का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। पार्टी इसे एक तरह का ‘लीडरशिप मैप’ और ‘गैप एनालिसिस’ के तौर पर इस्तेमाल करेगी।
टिकट से संगठन तक बनेगा जातीय प्रतिनिधित्व का खाका
सर्वे में यह भी देखा जाएगा कि OBC की अलग-अलग जातियों से कितने सांसद और विधायक हैं और संगठन में उनका प्रतिनिधित्व कितना है। राज्य और केंद्र की OBC सूचियों की भी तुलना की जाएगी। इसके आधार पर भविष्य में टिकट वितरण और संगठनात्मक नियुक्तियों में सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति तैयार की जा सकती है।
दिवाली से पहले गिनती का काम पूरा करने की तैयारी
जानकारी के मुताबिक सर्वे का डेटा दिवाली से पहले जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए OBC मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से जिलावार जिम्मेदारियां तय की हैं। सर्वे को 2028 के विधानसभा चुनाव और केंद्र की प्रस्तावित जातीय जनगणना की पृष्ठभूमि में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मध्यप्रदेश में OBC प्रतिनिधित्व को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सरकारी सेवाओं में OBC कर्मचारियों की हिस्सेदारी 28.16% बताई गई थी, जबकि उच्च प्रशासनिक पदों पर यह प्रतिनिधित्व और कम पाया गया।