इंदौर - मध्य प्रदेश में शक्कर की कीमतों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के शक्कर को लेकर दिए बयान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधा है। विजयवर्गीय ने कहा था कि करीब 90 प्रतिशत लोगों को शुगर की बीमारी है और उन्हें शक्कर का सेवन कम या बंद कर देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि शक्कर और महंगी हो जाए, ताकि लोग इसे खाना छोड़ दें।
पटवारी ने बताया अहंकार से भरा बयान
विजयवर्गीय के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जीतू पटवारी ने इसे बेतुका और अहंकार से भरा बयान करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सत्ता में आने से पहले लोगों को सस्ती शक्कर, पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराने जैसे वादे करती थी, लेकिन अब बढ़ती महंगाई पर इस तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं।
पटवारी ने कहा कि महंगाई का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ता है। ऐसे में किसी जरूरी खाद्य वस्तु के महंगा होने को लोगों के स्वास्थ्य से जोड़ना आम जनता की परेशानियों को नजरअंदाज करने जैसा है।
महंगाई को लेकर सरकार पर हमला
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार को शक्कर की कीमत बढ़ने पर लोगों को राहत देने के उपाय करने चाहिए, न कि यह कहना चाहिए कि कीमत और बढ़ जाए। उन्होंने कहा कि आम परिवार पहले से ही रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं। पटवारी ने यह भी दावा किया कि अगर लोगों में शुगर जैसी बीमारी बढ़ रही है तो इसके लिए सरकार की नीतियों और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए जाने चाहिए।
फिलहाल, शक्कर की कीमत को लेकर शुरू हुई यह बहस महंगाई और स्वास्थ्य के मुद्दे से आगे बढ़कर बीजेपी-कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव का रूप ले चुकी है। आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर प्रदेश की सियासत और गरमाने की संभावना है।