लखनऊ/नई दिल्ली। देश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इस सीजन में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू से पहली मौत दर्ज की गई है। इंदिरानगर निवासी 50 वर्षीय महिला ने गुरुवार को बलरामपुर अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, दिल्ली में पिछले 24 घंटे में H1N1 के 166 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद राजधानी में स्वाइन फ्लू के कुल मरीजों की संख्या 2,612 हो गई है।
लखनऊ में स्वाइन फ्लू से पहली मौत
जानकारी के मुताबिक महिला को कुछ दिन पहले सर्दी-जुकाम, बुखार और सांस लेने में परेशानी की शिकायत हुई थी। शुरुआत में परिवार ने उनका इलाज एक निजी अस्पताल में कराया। लक्षणों को देखते हुए डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू की जांच कराई। 24 अगस्त को जांच रिपोर्ट में महिला के H1N1 से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें बड़े अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। परिवार 25 अगस्त को महिला को बलरामपुर अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मौत के बाद अस्पताल में बढ़ाई गई सतर्कता
महिला की मौत के बाद परिवार ने अस्पताल के डॉक्टरों को मोबाइल पर स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट दिखाई। रिपोर्ट सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए। मृतका के आसपास भर्ती मरीजों के नमूने लिए गए हैं। इसके अलावा इलाज में शामिल 17 डॉक्टरों और कर्मचारियों समेत संबंधित मरीजों के सैंपल जांच के लिए KGMU भेजे गए हैं। महिला के इलाज में शामिल डॉक्टरों और कर्मचारियों को फिलहाल अलग रहने की सलाह दी गई है।
दिल्ली में 24 घंटे में 166 नए मामले
दिल्ली में भी H1N1 संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में 166 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही राजधानी में स्वाइन फ्लू के कुल मामलों की संख्या 2,612 पहुंच गई है। इससे एक दिन पहले दिल्ली में H1N1 के 138 नए मामले दर्ज किए गए थे। वहीं, इन्फ्लुएंजा-A के कुल मामलों की संख्या भी बढ़कर 3,300 हो गई है, जो बुधवार को 3,177 थी।
अस्पतालों में तैयारियां तेज
बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने गुरुवार को इंदिरा गांधी अस्पताल का दौरा कर स्वास्थ्य सुविधाओं और तैयारियों का जायजा लिया। अस्पताल में स्वाइन फ्लू के लिए विशेष क्लिनिक बनाया गया है, जहां संदिग्ध मरीजों की शुरुआती जांच की जाएगी। लखनऊ में हुई मौत और दिल्ली में लगातार बढ़ रहे H1N1 मामलों के बाद स्वास्थ्य विभागों की निगरानी और अस्पतालों में संक्रमण से बचाव की तैयारियों पर जोर बढ़ गया है।