भोपाल: मध्यप्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा बेचने के लिए किसान पंजीयन की आज अंतिम तारीख है। प्रदेश में अब तक करीब 6.80 लाख किसान पंजीयन करा चुके हैं। इनमें 6.77 लाख धान उत्पादक और करीब 13 हजार मोटे अनाज के उत्पादक किसान शामिल हैं। पंजीकृत किसानों का कुल रकबा 10.88 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है। सरकार ने किसानों से निर्धारित समय-सीमा में पंजीयन कराने की अपील की है, ताकि समर्थन मूल्य पर उपज बेचने में परेशानी न हो।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने पंजीयन प्रक्रिया में आ रही तकनीकी समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का निराकरण कर पंजीयन प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी कराने को कहा गया है।
धान और मोटे अनाज के पंजीयन की आज आखिरी तारीख
मध्यप्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा की खरीदी की तैयारी चल रही है। इसके लिए किसान पंजीयन की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
विभाग के मुताबिक, अब तक लगभग 6.80 लाख किसान पंजीयन करा चुके हैं। इनमें धान उत्पादक किसानों की संख्या सबसे अधिक है। किसान समय-सीमा के भीतर पंजीयन कराकर समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने की प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।
अब तक कितने किसानों ने कराया पंजीयन?
कुल पंजीकृत किसान: लगभग 6.80 लाख
धान उत्पादक किसान: करीब 6.77 लाख
ज्वार और बाजरा सहित मोटे अनाज के उत्पादक: करीब 13 हजार
कुल पंजीकृत रकबा: 10.88 लाख हेक्टेयर
तकनीकी समस्याओं के समाधान के निर्देश
किसान पंजीयन के दौरान सामने आ रही तकनीकी समस्याओं को दूर करने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विभाग की अपर मुख्य सचिव को आवश्यक निर्देश दिए थे। इसके बाद अपर मुख्य सचिव ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला अधिकारियों के साथ बैठक कर पंजीयन की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में तकनीकी समस्याओं के निराकरण और किसानों को पंजीयन में सुविधा उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई।अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसानों को पंजीयन कराने में अनावश्यक परेशानी न हो और निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी कराई जाए।
डिजिटल क्रॉप सर्वे की व्यवस्था रहेगी पहले जैसी
धान और मोटे अनाज के पंजीयन में किसानों के खेतों में बोई गई फसल की जानकारी प्राप्त करने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे की व्यवस्था पिछले वर्ष की तरह ही रखी गई है।इस व्यवस्था के जरिए किसान के रकबे पर बोई गई फसल का विवरण प्राप्त किया जाता है। इससे पंजीयन के दौरान फसल और कृषि भूमि से संबंधित जानकारी का सत्यापन करने में मदद मिलती है।
इन जमीनों के पंजीयन के लिए AgriStack ID जरूरी नहीं
विभाग के अनुसार, राजस्व पट्टे, वन पट्टे तथा मंदिर और ट्रस्ट की भूमि के पंजीयन के लिए एग्रीस्टैक आईडी की अनिवार्यता नहीं रखी गई है।ऐसे रकबों का पंजीयन पहले से लागू व्यवस्था के अनुसार पंजीयन केंद्र या डीएसओ लॉग-इन के माध्यम से किया जा सकेगा। इससे संबंधित श्रेणियों के किसानों और भूमि धारकों को पंजीयन कराने में सुविधा मिलेगी।
किसान समय-सीमा में पूरा कराएं पंजीयन
समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा बेचने की तैयारी कर रहे किसानों के लिए पंजीयन जरूरी है। अंतिम तारीख को देखते हुए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपना पंजीयन समय पर पूरा कराएं और किसी तकनीकी समस्या की स्थिति में संबंधित पंजीयन केंद्र से संपर्क करें। सरकार का उद्देश्य पंजीयन प्रक्रिया को सुचारु बनाकर पात्र किसानों को समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने का अवसर उपलब्ध कराना है।