New Delhi | पितृ पक्ष के अंतिम दिन सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर शनिवार को देश के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, प्रयागराज और अयोध्या से लेकर उत्तराखंड के हरिद्वार और पश्चिम बंगाल के कोलकाता तक बड़ी संख्या में लोगों ने पवित्र नदियों में स्नान किया और अपने पूर्वजों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म किए। सुबह से ही प्रमुख घाटों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। कई स्थानों पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए।
चित्रकूट में मंदाकिनी तट पर उमड़ी भीड़
धर्मनगरी चित्रकूट में पितृ विसर्जन अमावस्या के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। लोगों ने मंदाकिनी नदी में स्नान करने के बाद अपने पितरों का तर्पण किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भगवान कामतानाथ के दर्शन किए और कामदगिरि पर्वत की पंचकोसी परिक्रमा शुरू की। रामघाट और परिक्रमा मार्ग पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। पितृ पक्ष की अमावस्या पर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा सहित देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग चित्रकूट पहुंचे। श्रद्धालुओं ने पितरों की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ धार्मिक अनुष्ठान किए। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए 500 से अधिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई।
प्रयागराज में संगम पर तर्पण और पिंडदान
प्रयागराज में सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर त्रिवेणी संगम पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। लोगों ने संगम में स्नान कर अपने पूर्वजों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म किए। पितृ पक्ष के समापन के अवसर पर संगम तट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की चहल-पहल रही। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सर्वपितृ अमावस्या पर पूर्वजों के निमित्त किए जाने वाले श्राद्ध और तर्पण का विशेष महत्व माना जाता है।
अयोध्या में सरयू तट पर श्रद्धालुओं की भीड़
अयोध्या में भी सर्वपितृ अमावस्या पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की खबर है। श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में स्नान किया और अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण की रस्में निभाईं। सरयू के घाटों पर सुबह से ही धार्मिक गतिविधियां जारी रहीं। श्रद्धालुओं ने तर्पण और अन्य पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ पूजा-अर्चना भी की।
हरिद्वार में भी श्रद्धालुओं ने किया तर्पण
उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में भी सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में स्नान कर पूर्वजों के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म किए। गंगा घाटों पर सुबह से श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
कोलकाता में महालया पर गंगा घाट पर जुटे लोग
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में महालया के अवसर पर बागबाजार स्थित गंगा घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। लोगों ने अपने दिवंगत पूर्वजों के निमित्त तर्पण किया। धार्मिक परंपरा में महालया को पितृ पक्ष के समापन और देवी पक्ष की शुरुआत से जोड़कर देखा जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अपने पितरों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
देशभर में धार्मिक स्थलों पर विशेष आयोजन
सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं ने स्नान, तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध जैसे पारंपरिक अनुष्ठान किए। कई प्रमुख घाटों और मंदिर क्षेत्रों में सुबह से ही भीड़ रही। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन उन पूर्वजों के लिए भी श्राद्ध और तर्पण करने का अवसर माना जाता है, जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती। इसी वजह से पितृ पक्ष के अंतिम दिन प्रमुख तीर्थस्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।