New Delhi | दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने और राष्ट्रीय राजधानी की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों के संबंध में एहतियाती कदम उठाने को कहा है। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाया गया है। CJP ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध जताने का ऐलान किया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
सभी राज्यों के DGP को भेजा गया पत्र
गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों (DGP) को पत्र भेजकर तत्काल एहतियाती कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि देश के विभिन्न हिस्सों से CJP समर्थकों के बिना अनुमति दिल्ली पहुंचने की कोशिश करने की आशंका है। इससे सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की खुफिया एजेंसियों, सीमा एवं पारगमन अधिकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच लगातार तथा रियल-टाइम खुफिया जानकारी साझा करने पर जोर दिया है। इसका उद्देश्य प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखना और किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए समय रहते कार्रवाई करना है।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से किया इनकार
गृह मंत्रालय के पत्र के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सभा को लेकर CJP की ओर से किए गए अनुरोध को खारिज कर दिया गया है। अधिकारियों ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। गृह सचिव ने पत्र में सुप्रीम कोर्ट के 2018 के आदेश का भी उल्लेख किया और निर्धारित क्षेत्रों में सभाओं के आयोजन से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता बताई। मंत्रालय ने कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति बनाए रखने को संवैधानिक दायित्व बताते हुए संबंधित अधिकारियों से कानून के दायरे में तत्काल एहतियाती कदम उठाने को कहा है।
पिछले प्रदर्शनों का भी किया गया जिक्र
गृह मंत्रालय ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि CJP और उससे जुड़े कुछ राजनीतिक दलों, संगठनों तथा व्यक्तियों का पहले के कार्यक्रमों में कानूनी निर्देशों का पालन नहीं करने का रिकॉर्ड रहा है। पत्र में यह भी कहा गया है कि पहले विभिन्न राज्यों से दिल्ली पहुंचे समर्थकों के जमावड़े के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हुई थी और सरकारी तथा निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। मंत्रालय ने इन्हीं घटनाओं का हवाला देते हुए प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान भी ऐसी स्थिति पैदा होने की आशंका जताई है। ये आरोप गृह मंत्रालय के पत्र में दर्ज किए गए हैं। इन्हें संगठन के खिलाफ स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्यों के बजाय मंत्रालय के दावों के रूप में देखा जाना चाहिए।
बिना अनुमति दिल्ली पहुंचने की आशंका पर सतर्कता
मंत्रालय ने पत्र में विश्वसनीय खुफिया सूचनाओं का हवाला देते हुए आशंका जताई कि प्रदर्शन पर रोक की जानकारी दिए जाने के बावजूद CJP और उससे जुड़े समूह अलग-अलग राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से दिल्ली पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं। इसी आशंका के मद्देनजर राज्यों को दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखने, खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान करने और सार्वजनिक शांति भंग होने से रोकने के लिए कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है। मंत्रालय ने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है।
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन
CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। संगठन की मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से जुड़ी है। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं। प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने और गृह मंत्रालय के एहतियाती निर्देशों के बाद दिल्ली तथा अन्य राज्यों में सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है। केंद्र सरकार का कहना है कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।