मुंबई - महाराष्ट्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए पार्टी की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कोलकाता में दिए गए भाषण को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए चव्हाण ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक परिस्थितियों के हिसाब से अपना रुख बदलती है। उन्होंने इसे पार्टी की दोहरे मापदंड वाली राजनीति बताते हुए कटाक्ष भी किया।
‘सुविधा के अनुसार रंग बदलना कांग्रेस की राजनीति’
रविंद्र चव्हाण ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक फायदे के अनुसार अपना रुख बदलना कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा बन गया है। चव्हाण के मुताबिक, कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया और वोट चोरी जैसे मुद्दों पर सवाल उठाती है, लेकिन अपनी राजनीतिक स्थिति और चुनावी प्रदर्शन पर आत्ममंथन करने से बचती है।
उन्होंने विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति का उल्लेख करते हुए दावा किया कि कई जगहों पर लंबे समय तक पार्टी का मुख्यमंत्री नहीं रहा, जबकि वहां उसके सहयोगी दल सत्ता में रहे। चव्हाण ने इसी संदर्भ में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “उल्टा चोर कोतवाल को डांटे!” उनका यह बयान कांग्रेस की ओर से चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जाने वाले सवालों के जवाब में भाजपा के पलटवार के रूप में देखा जा रहा है।
अमित शाह ने भी कांग्रेस के नेतृत्व पर उठाए सवाल
दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक दल की बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस की चुनावी स्थिति और नेतृत्व पर टिप्पणी की थी। उन्होंने पार्टी के चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कांग्रेस को अपनी रणनीति की समीक्षा करने और आत्ममंथन करने की सलाह दी।
अमित शाह ने राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस के लगातार चुनावी प्रदर्शन और उसकी राजनीतिक दिशा पर चर्चा करते हुए कहा कि पार्टी को अपनी रणनीति और नेतृत्व की समीक्षा करनी चाहिए। शाह ने विपक्षी गठबंधन INDIA की एकजुटता पर भी टिप्पणी की और विपक्षी दलों के बीच तालमेल को लेकर सवाल खड़े किए।
INDIA गठबंधन पर भी भाजपा का निशाना
भाजपा लगातार कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन INDIA के नेतृत्व तथा आपसी समन्वय को राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाती रही है। अमित शाह के बयान को साझा करके रविंद्र चव्हाण ने भी इसी मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने की कोशिश की।
भाजपा नेताओं का तर्क है कि कांग्रेस को चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने के साथ अपने राजनीतिक प्रदर्शन का भी आकलन करना चाहिए। दूसरी ओर, चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की आपत्तियों का मूल्यांकन संबंधित तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर किया जाना जरूरी है।
महाराष्ट्र से राष्ट्रीय राजनीति तक आरोप-प्रत्यारोप
रविंद्र चव्हाण के बयान से महाराष्ट्र में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक खींचतान एक बार फिर चर्चा में आ गई है। अमित शाह के भाषण को साझा करते हुए उन्होंने कांग्रेस की रणनीति और राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल, यह बयान दोनों दलों के बीच जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की कड़ी है। कांग्रेस की ओर से इन ताजा टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया आने पर मामले का दूसरा पक्ष भी सामने आएगा।