मध्यप्रदेश की सियासत में विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर एक बार फिर आदिवासी मुद्दा चर्चा के केंद्र में आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने अपनी पिछली सरकार के दौरान आदिवासी समुदाय के लिए किए गए कामों और शुरू की गई योजनाओं का उल्लेख करते हुए मौजूदा भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनी सरकार के कार्यकाल में आदिवासी हित में लिए गए फैसलों की जानकारी साझा की।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा आज भाजपा की सरकार हर स्तर पर आदिवासी समुदाय के साथ अन्याय कर रही है। ऐसे में आदिवासी समुदाय को कांग्रेस सरकार के दौर की याद आने लगी है। मेरे मुख्यमंत्री कार्यकाल में आदिवासी हित के कई कार्य किए गए। उनमें से कुछ इस प्रकार हैं:
मुख्यमंत्री मदद योजना का किया जिक्र
आदिवासी परिवारों के पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए 1 क्विंटल खाद्यान्न और 50 किलो शक्कर देने की व्यवस्था की गई। आदिवासी गांवों में सामूहिक उपयोग के बर्तन खरीदने के लिए ₹31.6 करोड़ मंजूर किए गए।
वन अधिकार दावों के लिए शुरू किया गया वन मित्र पोर्टल
वन अधिकार कानून के तहत आदिवासियों के वनभूमि अधिकार संबंधी दावों को ऑनलाइन दर्ज और पारदर्शी तरीके से निराकृत करने के लिए वन मित्र पोर्टल शुरू किया गया। 20 आदिवासी जिलों की 89 जनपद पंचायतों की 5,211 ग्राम पंचायतों को टैबलेट खरीदने के लिए ₹15,000 प्रति पंचायत दिए गए।
अस्वीकृत वन अधिकार दावों की दोबारा जांच
मेरी सरकार ने पहले खारिज किए गए आदिवासी परिवारों के वन अधिकार दावों की पुनः समीक्षा करने का निर्णय लिया। जून 2019 में करीब 3.5 लाख अस्वीकृत दावों पर पुनर्विचार की घोषणा की गई।
वनभूमि से बेदखली रोकने की पहल
सुप्रीम कोर्ट के फरवरी 2019 के आदेश के बाद संभावित बेदखली के मुद्दे पर कमलनाथ सरकार ने मंत्रिमंडलीय समिति गठित कर आगे की कार्रवाई तय करने की पहल की। बाद में विधानसभा रिकॉर्ड में भी 2019 के निर्देश का उल्लेख मिलता है कि निरस्त/अमान्य दावेदारों को आगामी आदेश तक बेदखल न किया जाए।
तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाई
तेंदूपत्ता संग्रहण की दर ₹2,000 से बढ़ाकर ₹2,500 प्रति मानक बोरा की गई, यानी संग्रहकर्ताओं को ₹500 अतिरिक्त मिलने की व्यवस्था की गई।
साहूकारों के चंगुल से आदिवासियों को बचाने का फैसला
अनुसूचित क्षेत्रों में बिना लाइसेंस साहूकारी पर रोक लगाने और अवैध रूप से दिए गए कर्ज के बदले गिरवी रखी जमीन, आभूषण और अन्य संपत्ति वापस कराने की घोषणा की गई। ब्याज और साहूकारी को नियंत्रित करने के लिए भी प्रावधान प्रस्तावित किए गए।
आदिवासियों को बैंकिंग सुविधा से जोड़ने की घोषणा
2019 में आदिवासियों को डेबिट कार्ड उपलब्ध कराने की घोषणा की गई, जिसके माध्यम से ATM से निर्धारित सीमा तक राशि निकाली जा सके।
विद्यार्थियों के लिए गांधी दर्शन योजना
जनजातीय कार्य विभाग के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को साबरमती, वर्धा सहित गांधीजी से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण कराने की योजना शुरू की गई।
आदिवासी संस्कृति और देवी-देवताओं के संरक्षण पर पहल
आदिवासी देवी-देवताओं के धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार के लिए आर्थिक सहायता देने की पहल की गई, ताकि आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित किया जा सके।
आदिवासी विकास के लिए 2020–25 रोडमैप
मेरी सरकार के Vision to Delivery Roadmap 2020–25 में गरीब और वंचित वर्गों के लिए सामाजिक समानता, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी गई। इसमें आदिवासी समुदाय के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार, भूमि अधिकार और आर्थिक अवसर बढ़ाने जैसे लक्ष्य भी शामिल थे।
विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की ओर से अपनी सरकार की योजनाओं को सामने रखना मध्यप्रदेश की राजनीति में एक सियासी संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। राज्य में आदिवासी मतदाता कई विधानसभा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में आदिवासी हितों, वन अधिकार, तेंदूपत्ता और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दे राजनीतिक दलों के लिए अहम बने हुए हैं।