भोपाल: मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी संख्या में रिक्त पदों को भरने की तैयारी के बीच भर्ती व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। सरकार ने कुछ विभागों को विभागीय स्तर पर भर्ती करने की छूट दी है। वहीं, जिन विभागों में बड़ी संख्या में पदों पर भर्ती होनी है, वे जरूरत के अनुसार दूसरी एजेंसी से भी भर्ती प्रक्रिया कराने की अनुमति ले सकेंगे।
सरकार के इस बदलाव का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करना है। मौजूदा व्यवस्था में MPPSC और कर्मचारी चयन मंडल पर पहले से बड़ी संख्या में परीक्षाओं और भर्तियों का काम है। कर्मचारी चयन मंडल के आधिकारिक कैलेंडर में भी 2026 में कई भर्ती परीक्षाएं निर्धारित हैं।
स्वास्थ्य विभाग को विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीधी भर्ती की छूट
स्वास्थ्य विभाग को विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने के लिए विभागीय स्तर पर सीधी भर्ती करने की अनुमति दी गई है। सरकार ने इसके लिए भर्ती नियमों में एक बार के लिए विशेष छूट दी है। जुलाई 2026 में कैबिनेट ने भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की सीधी भर्ती के लिए स्वास्थ्य विभाग को विशेष अनुमति देने का निर्णय लिया था।
नई व्यवस्था के तहत हर महीने की 1 तारीख को MP Online पोर्टल पर विभाग की रिक्तियां प्रदर्शित की जाएंगी। इच्छुक अभ्यर्थी 15 तारीख तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदनों की जांच के बाद पात्र उम्मीदवारों को दूसरे बुधवार को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा और पात्र पाए जाने पर नियुक्ति दी जाएगी।
ऊर्जा विभाग में 6 हजार पदों पर विभागीय भर्ती
ऊर्जा विभाग भी करीब 6 हजार संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के लिए विभागीय स्तर पर परीक्षा कराने की तैयारी में है। विभाग का लक्ष्य इस प्रक्रिया को अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का है।इससे पहले ऊर्जा विभाग करीब 4,300 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी कर चुका है। अब शेष प्रक्रिया को भी विभागीय स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी है।
375 इंजीनियरों की भर्ती के लिए दूसरी एजेंसी से संपर्क
नगरीय विकास एवं आवास विभाग को करीब पौने चार सौ इंजीनियरों की भर्ती करनी है। विभाग ने इसके लिए कर्मचारी चयन मंडल से संपर्क किया, लेकिन वहां पहले से लंबित काम के कारण करीब दो साल तक समय उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई।
इसके बाद विभाग ने भारत सरकार की कंपनी Education Consultants India Limited (EdCIL) से संपर्क किया है। एजेंसी ने करीब चार महीने में भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का भरोसा दिया है।
पुलिस मुख्यालय भी बना सकता है अपना भर्ती बोर्ड
पुलिस विभाग में भी भर्ती प्रक्रिया को तेज करने की तैयारी है। पुलिस मुख्यालय अपना भर्ती बोर्ड बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसका उद्देश्य पुलिस भर्ती में लगने वाले समय को कम करना है।अगर विभागीय स्तर पर अलग व्यवस्था तैयार होती है तो पुलिस से जुड़े रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया मौजूदा केंद्रीय भर्ती एजेंसियों के कार्यभार से अलग संचालित की जा सकेगी।
MP में भर्ती एजेंसियों पर बढ़ा काम का दबाव
प्रदेश में सरकारी भर्तियों के लिए मुख्य रूप से मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) और मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) की भूमिका रहती है। दोनों एजेंसियों के पास पहले से कई परीक्षाओं और भर्तियों की जिम्मेदारी है।
कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर सितंबर 2026 में भी विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के आवेदन और अन्य प्रक्रियाएं जारी हैं। ऐसे में सरकार विभागीय भर्ती या अन्य एजेंसियों के माध्यम से प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।
एक महीने में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती का रास्ता
स्वास्थ्य विभाग की नई व्यवस्था में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती के लिए महीनेवार प्रक्रिया तय की गई है। हर महीने रिक्तियों की जानकारी जारी होने से लेकर आवेदन, इंटरव्यू और नियुक्ति तक की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने का लक्ष्य है।इस व्यवस्था से विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पदों को भरने में लगने वाला समय कम करने की कोशिश की जा रही है।