इंदौर/भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून का असर इस बार अब तक अपेक्षा के मुताबिक मजबूत नहीं रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की कमी बनी हुई है और आने वाले सप्ताह में भी व्यापक एवं लगातार बारिश के लिए फिलहाल कोई मजबूत मौसम प्रणाली दिखाई नहीं दे रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं।
बारिश की कमी का सबसे अधिक असर पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में दिखाई दे रहा है। इंदौर संभाग के अधिकांश जिलों में भी मानसूनी वर्षा सामान्य से नीचे बनी हुई है। हालांकि कुछ जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है, लेकिन पूरे संभाग में बारिश का वितरण एक समान नहीं रहा।
प्रदेश में सामान्य से 19 फीसदी कम बारिश
मौसम के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से करीब 19 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से लगभग 20 प्रतिशत नीचे है, जबकि पश्चिमी हिस्से में करीब 18 प्रतिशत की कमी बताई जा रही है।
बारिश के असमान वितरण का असर खेती और जलस्रोतों पर भी पड़ सकता है। जहां कुछ इलाकों में पर्याप्त पानी मिला है, वहीं कम बारिश वाले जिलों में किसान अब आने वाले दिनों की मौसम गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
इंदौर संभाग में भी बारिश का इंतजार
इंदौर संभाग के अधिकांश जिलों में मानसून की स्थिति अभी संतोषजनक नहीं है। बुरहानपुर, खरगोन और देवास को छोड़ दें तो संभाग के कई जिलों में मौसमी बारिश औसत से कम बनी हुई है।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले सप्ताह भी संभाग में किसी बड़े और प्रभावी मानसून सिस्टम के सक्रिय होने की संभावना फिलहाल कम है। ऐसे में कई जिलों में बारिश के लिए स्थानीय मौसम प्रणालियों पर निर्भरता बनी रहेगी।
सप्ताह के बीच उज्जैन और आलीराजपुर में अच्छी बारिश के संकेत
हालांकि पूरे पश्चिमी मध्यप्रदेश में व्यापक बारिश के संकेत नहीं हैं, लेकिन सप्ताह के मध्य में उज्जैन और आलीराजपुर जिले में अपेक्षाकृत बेहतर वर्षा होने की संभावना जताई गई है।इन जिलों में स्थानीय परिस्थितियों और सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बारिश का दौर मजबूत हो सकता है। वहीं इंदौर सहित संभाग के अन्य जिलों में हल्की या छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है।
पूर्वी मध्यप्रदेश में ज्यादा सक्रिय है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल बारिश की गतिविधियां पूर्वी मध्यप्रदेश में ज्यादा प्रभावी हैं। प्रदेश के पूर्वी हिस्से के कई जिलों में पिछले दिनों अच्छी बारिश दर्ज की गई है।डिंडोरी, अनूपपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट और मंडला में भारी से लेकर अति भारी बारिश की स्थिति बनी। पश्चिमी मध्यप्रदेश में भी रायसेन, विदिशा और गुना जैसे जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई।शनिवार को प्रदेश में कई स्थानों पर भारी बारिश हुई, जबकि सात जगहों पर अति भारी वर्षा दर्ज की गई।
कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय
भोपाल स्थित मौसम केंद्र के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मध्यप्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाली कई प्रणालियां फिलहाल सक्रिय हैं।उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अलावा मानसून द्रोणिका बीकानेर और ग्वालियर होते हुए कम दबाव वाले क्षेत्र से आगे पुरी और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।वहीं अफगानिस्तान के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। दक्षिण-मध्य महाराष्ट्र के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इन सभी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं।
इंदौर में सामान्य से 133.2 मिमी कम बारिश
बारिश की कमी का असर इंदौर में भी साफ दिखाई दे रहा है। जिले में अब तक सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।इंदौर शहर में इस मानसून सीजन में अब तक लगभग 400 मिमी बारिश हुई है। यह सामान्य औसत से करीब 133.2 मिमी कम है। ऐसे में शहर और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को अब मानसून की सक्रियता बढ़ने का इंतजार है।
किसानों की मौसम पर टिकी नजर
मानसून की कमजोर स्थिति का असर कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। मध्यप्रदेश में खरीफ की फसलों के लिए बारिश बेहद महत्वपूर्ण होती है। सोयाबीन, मक्का, दलहन और अन्य खरीफ फसलों के लिए समय पर पर्याप्त पानी मिलना जरूरी है।जिन इलाकों में बारिश सामान्य से कम हुई है, वहां किसान अगले सप्ताह होने वाली बारिश का इंतजार कर रहे हैं। यदि बारिश का वितरण बेहतर रहता है तो फसलों को राहत मिल सकती है, जबकि लंबे अंतराल की स्थिति में किसानों की चिंता बढ़ सकती है।
अगले सप्ताह कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के मौजूदा पूर्वानुमान के मुताबिक अगले सप्ताह मध्यप्रदेश में व्यापक बारिश के बजाय छिटपुट वर्षा का दौर अधिक देखने को मिल सकता है। पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत ज्यादा रहने की संभावना है।पश्चिमी मध्यप्रदेश और खासकर इंदौर संभाग में फिलहाल बड़े मानसून सिस्टम का इंतजार है। उज्जैन और आलीराजपुर में सप्ताह के मध्य में बारिश की संभावना बेहतर है।