ओरछा | मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले में स्थित धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ओरछा के प्रसिद्ध श्री रामराजा सरकार मंदिर में दर्शन और आरती का समय बदल दिया गया है। शरद पूर्णिमा के दूसरे दिन यानी 27 अक्टूबर 2026 से मंदिर में शीतकालीन समय-सारणी लागू होगी। नई व्यवस्था के तहत अब रामराजा सरकार सुबह 8 बजे के बजाय सुबह 9 बजे भक्तों को दर्शन देंगे। मंदिर की परंपरा के अनुसार, मौसम में बदलाव के साथ भगवान के जागने, दर्शन और आरती का समय साल में दो बार बदला जाता है। यह परंपरा लगभग 500 वर्षों से चली आ रही है। ओरछा को बुंदेलखंड की अयोध्या भी कहा जाता है और यहां रामराजा सरकार की पूजा राजा के रूप में की जाती है।
अब यह रहेगा रामराजा सरकार के दर्शन का नया समय
- शीतकालीन व्यवस्था के तहत मंदिर में सुबह और शाम की सभा के समय में बदलाव किया गया है।
- सुबह की सभा (राजभोग): सुबह 9 बजे मंदिर के कपाट खुलेंगे।
- दोपहर में कपाट बंद: दोपहर 1 बजे राजभोग आरती के बाद कपाट बंद होंगे।
- शाम की सभा (व्यारी): शाम 7 बजे संध्या आरती के साथ कपाट खुलेंगे।
- रात्रि में कपाट बंद: रात 9:30 बजे व्यारी आरती के बाद मंदिर के कपाट बंद हो जाएंगे।
- धार्मिक मान्यता के अनुसार, रात्रि में कपाट बंद होने के बाद रामराजा सरकार विश्राम के लिए अयोध्या चले जाते हैं।
शरद पूर्णिमा के बाद लागू होती है शीतकालीन व्यवस्था
मंदिर परंपरा के जानकार राकेश अयाची और सहायक पुजारी भज्जू ओझा के अनुसार, ओरछा दरबार में रामराजा सरकार को राजाधिराज के रूप में पूजा जाता है। यहां पूजा-पद्धति और दर्शन व्यवस्था में राजशाही परंपराओं का विशेष महत्व है। शरद पूर्णिमा के अगले दिन से शीतकालीन समय-सारणी लागू होती है, जो चैत्र पूर्णिमा तक प्रभावी रहती है। ठंड के मौसम में भगवान के जागने और दर्शन देने का समय एक घंटा आगे कर दिया जाता है।
गर्मियों में क्या रहता है दर्शन का समय?
ग्रीष्मकालीन व्यवस्था में मंदिर सुबह 8 बजे खुलता है और दोपहर 12:30 बजे राजभोग के बाद कपाट बंद हो जाते हैं। शाम को मंदिर के कपाट रात 8 बजे खुलते हैं और रात 10:30 बजे शयन आरती के बाद बंद किए जाते हैं। मौसम के अनुसार दर्शन और आरती के समय में यह बदलाव मंदिर की पारंपरिक व्यवस्था का हिस्सा है।
श्रद्धालु दर्शन से पहले समय-सारणी जरूर देखें
ओरछा स्थित रामराजा सरकार मंदिर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि वे ओरछा आने से पहले दर्शन और आरती की नई समय-सारणी का ध्यान रखें, ताकि उन्हें दर्शन के लिए इंतजार न करना पड़े और यात्रा सुगम रहे।