उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर और आसपास के भीड़भाड़ वाले इलाकों में आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए अब बड़ी फायर ब्रिगेड के पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मंदिर प्रबंध समिति तीन हाईटेक ‘फायर बाइक’ तैयार करवा रही है, जो संकरी गलियों और श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच तेजी से घटनास्थल तक पहुंचकर शुरुआती स्तर पर आग बुझाने का काम करेंगी।
इन तीनों फायर बाइक के लिए समिति ने करीब 25.50 लाख रुपये का प्रावधान किया है। खास बात यह है कि इन्हें सामान्य मोटरसाइकिल की तरह चलाने के साथ-साथ छोटी मोबाइल फायर यूनिट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
25.50 लाख रुपये में तैयार होंगी तीन फायर बाइक
महाकाल मंदिर क्षेत्र की संकरी गलियों और लगातार बनी रहने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए फायर बाइक को विशेष जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। तीनों यूनिट की अनुमानित लागत 25.50 लाख रुपये रखी गई है।
इस हिसाब से एक फायर बाइक की बेस कीमत करीब 8.50 लाख रुपये होगी। इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से आग लगने की शुरुआती सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचने के लिए किया जाएगा।
350 सीसी बाइक में लगेगा फायर फाइटिंग सिस्टम
फायर बाइक का बेस मॉडल 350 सीसी बुलेट या उसके समकक्ष होगा। इसमें न्यूनतम 19 एचपी पावर और 28 एनएम टॉर्क रखा गया है। इसका उद्देश्य यह है कि फायर फाइटिंग उपकरणों के अतिरिक्त भार के बावजूद बाइक भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में तेजी से चल सके।बाइक को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि यह सड़क पर सामान्य मोटरसाइकिल की तरह चल सके और जरूरत पड़ने पर तत्काल मोबाइल फायर यूनिट में बदलकर काम करे।
40 लीटर पानी और 150 बार का हाई-प्रेशर पंप
हर बाइक के दोनों ओर 20-20 लीटर क्षमता वाले एसएस-304 वॉटर टैंक लगाए जाएंगे। यानी प्रत्येक बाइक में कुल 40 लीटर पानी उपलब्ध रहेगा।
आग पर तेज दबाव के साथ पानी पहुंचाने के लिए इसमें 150 बार प्रेशर वाला अल्ट्रा हाई-प्रेशर प्लंजर पंप लगाया जाएगा। इसका फ्लो रेट न्यूनतम 9 लीटर प्रति मिनट रहेगा। पंप को चलाने के लिए बाइक में 5 एचपी का अलग पेट्रोल इंजन भी लगाया जाएगा।
15 मीटर होज रील से पहुंचेगी आग तक पानी की धार
फायर बाइक में 15 मीटर लंबी हाई-प्रेशर होज रील और फॉग जेट लांस भी रहेगा। इसके जरिए करीब 8 मीटर तक सीधी पानी की धार पहुंचाई जा सकेगी।
जरूरत पड़ने पर इसे मिस्ट मोड में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे पानी की धुंध छोड़ी जाएगी। शुरुआती स्तर पर आग के फैलाव को रोकने के साथ-साथ आसपास फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में भी यह व्यवस्था मददगार होगी।
सुरक्षा कर्मचारियों को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण
फायर बाइक की सप्लाई होने के बाद मंदिर के सुरक्षा कर्मचारियों को इनके संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए कम से कम दो प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि कर्मचारी आपात स्थिति में इनका प्रभावी तरीके से इस्तेमाल कर सकें।बाइक पर एक साल की निशुल्क वारंटी रहेगी। इसके बाद अगले पांच वर्षों तक सीएमसी यानी कंप्रिहेंसिव मेंटेनेंस कांट्रेक्ट के तहत इनके रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की होगी।
बड़े फायर वाहन के पहुंचने तक संभालेगी मोर्चा
महाकाल मंदिर क्षेत्र में इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा तंग गलियों और भीड़भाड़ वाले हिस्सों में मिलने की उम्मीद है। आग की सूचना मिलते ही फायर बाइक सामान्य अग्निशमन वाहन की तुलना में तेजी से घटनास्थल तक पहुंच सकेगी।बड़े फायर वाहन के मौके पर पहुंचने तक ये बाइक फर्स्ट रिस्पांस यूनिट के तौर पर शुरुआती आग पर काबू पाने और उसके फैलाव को रोकने में भूमिका निभाएंगी।