संसद के विशेष सत्र के चौथे दिन यानी कि आज राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा जारी है। लोकसभा में एक लंबी बहस के बाद महिला आरक्षण बिल जिसे पीएम नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम नाम दिया वो पास हो गया। इसके पक्ष में 454 वोट पड़े जबकि दो वोट विरोध में। आज गुरुवार को इस बिल को राज्यसभा में पारित करने के लिए पेश किया जाएगा और इस पर चर्चा होगी। नए संसद भवन में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मंगलवार (19 सितंबर) को महिला आरक्षण से जुड़ा विधेयक पेश किया जिसमें लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है।
27 महिला सदस्य शामिल थी
बीते बुधवार को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ही चर्चा की शुरुआत की और फिर कांग्रेस पार्टी की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चर्चा में हिस्सा लिया। इसके बाद राहुल गांधी, गृहमंत्री अमित शाह, महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी सहित कुल 60 सदस्यों ने इस विधेयक पर चर्चा में भाग लिया। इनमें 27 महिला सदस्य शामिल थीं। सदन में कांग्रेस, सपा, द्रुमक, टीएमसी सहित सभी विपक्षी दलों ने विधेयक का समर्थन किया था। हालांकि एआईएमआईएम ने विधेयक में विरोध किया था। विधेयक पारित किए जाने के दौरान सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे।आरक्षण बिल का समर्थन
वहीं आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संदीप कुमार पाठक ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हुए विधेयक को जुमला बताया। उन्होंने चर्चा के दौरान कुछ ऐसे शब्दों का प्रयोग किया, जिसपर सदन संचालित कर रहे हरिवंश ने नसीहत दी। सभापति ने आप सांसद से कहा कि केवल संसदीय शब्दों का ही प्रयोग करें। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हम आज जिस बिल पर चर्चा कर रहे हैं, उसके भविष्य का किसी को अंदाजा नहीं है।महिलाओं के लिए यह सचमुच अमृत काल है
इसके साथ ही महिला आरक्षण विधेयक पर राज्यसभा सदस्य पीटी उषा ने कहा, यह महिलाओं के लिए सचमुच ‘अमृत काल’ है और हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं।Read More: Women Reservation Bill: महिला आरक्षण बिल के खिलाफ दो सांसदों ने की वोटिंग, इसको लेकर राजनीति गरमाई
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