नई दिल्ली, समुद्र में भारत की ताकत बढ़ने जा रही है। भारतीय नौसेना को जल्द ही आईएनएस तुशील के रूप में अपना नया साथी मिलने जा रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण लंबी देरी के बाद भारत को इस महीने के अंत तक रूस में निर्मित दो गाइडेड मिसाइल युद्धपोतों में से पहला प्राप्त होने वाला है। इन दो गाइडेड मिसाइल के मिलने से भारतीय नौसेना की ताकत और बढ़ जाएगी। इससे निश्चित रूप से चीन और पाकिस्तान की टेंशन बढ़ जाएगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ करेंगे नेवी में शामिल
रक्षा सूत्रों ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि लगभग 4,000 टन वजनी वाला मल्टी रोल वाला फ्रिगेट पिछले कुछ महीनों से कलिनिनग्राद के यंतर शिपयार्ड में तैनात 200 से अधिक अधिकारियों और नाविकों के भारतीय दल को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद युद्धपोत को आईएनएस तुशील के रूप में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तरफ से नेवी में कमीशन किया जाएगा।
क्या है फ्रिगेट की खासियत
एक सूत्र ने बताया कि दूसरा फ्रिगेट, आईएनएस तमल को अगले साल की शुरुआत में सौंप दिया जाएगा। दोनों स्टील्थ फ्रिगेट में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों सहित हथियार और विभिन्न मिशनों को अंजाम देने के लिए सेंसर लगे होंगे। इसकी लंबाई 124.8 मीटर है। आईएनएस तुषिल की टॉप स्पीड 30 समुद्री मील है। इनकी अधिकतम स्पीड 59 किलोमीटर प्रति घंटा होती है। यह जंगी जहाज इलेक्ट्रोनिक वारफेयर सिस्टम से लैस है। साथ ही इसकी क्रूजिंग रेंज 4850 मील है।
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