चक्रवात मिचौंग के कारण तमिलनाडु के कई इलाकों में अभी भी सड़कों पर पानी भरा हुआ है। लोगों को पेयजल और अन्य आवश्यक वस्तुएं नहीं मिल पा रही हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन हालात से उबरने में मदद के लिए मुख्यमंत्री जन राहत कोष में एक महीने का वेतन दान करेंगे। मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों और विधायकों से भी ऐसा करने का आह्वान किया है।
आंध्र प्रदेश में सीएम ने लिया हालात का जायजा
इस बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मिचौंग के बाद की स्थिति का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को तिरुपति और बापटला जिलों का दौरा किया। आंध्र के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती में चक्रवात प्रभावित इलाकों में हालात का जायजा लिया।सदन में तमिलनाडु की स्थिति पर चर्चा की मांग
कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने शुक्रवार को लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव देकर तमिलनाडु की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की मांग की। तमिलनाडु, विशेषकर चेन्नई की स्थिति को असामान्य बताते हुए टैगोर ने कहा कि हालात से उबरने के लिए तत्काल उपायों की आवश्यकता है। कहा कि राहत प्रयासों के लिए केंद्र 5100 करोड़ रुपये जारी करे। मिचौंग ने तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी तबाही मचाई है।Read More: बालकनाथ हुए CM रेस से बाहर? इस ट्वीट ने मचाई हलचल
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