मध्य प्रदेश के शराब प्रेमियों के लिए एक बुरी खबर है! दरअसल, प्रदेश में एक अप्रैल से शराब महंगी हो सकती है। वित्त वर्ष 2026-27 की नई आबकारी नीति लगभग तैयार हो गई है। जिसके प्रारूप को मंजूरी मिल गई है। इसके लागू होते ही शराब की कीमतों पर असर पड़ेगा।
वित्तीय वर्ष में 19 हजार करोड़ के राजस्व का लक्ष्य
दरअसल, एमपी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी विभाग को 19,000 करोड़ रुपये के राजस्व का टारगेट दिया है। यह बीते साल की तुलना में 3,000 करोड़ रुपये ज्यादा है। नई नीति को लेकर मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में हाई एम्पावर्ड कमेटी की बैठक हो चुकी है। आबकारी नीति के प्रारूप को मंजूरी मिल गई है।
कोई नई दुकान नहीं खुलेगी
नई नीति में शराब दुकानों का रिजर्व प्राइस तय कर 20 प्रतिशत अधिक पर ई-नीलामी होगी। ई-नीलामी प्रक्रिया प्रदेश की 3,553 शराब दुकानों की नीलामी सिंगल ई-टेंडर के जरिए से होगी। वहीं सरकार ने साफ कह दिया है कि प्रदेश में कोई भी शराब की नई दुकान नहीं खुलेगी। बताया जा रहा है कि जल्द ही इस नीति को कैबिनेट में पेश किया जाएगा। इस नीति के लागू होने के बाद 1 अप्रैल से शराब की कीमतों में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
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