मौसम विभाग के अनुसार हिमालयी क्षेत्रों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर उत्तर भारत के बड़े हिस्से में देखने को मिलेगा। इसके प्रभाव से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना है, जबकि पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी होने के आसार हैं। इससे मैदानी इलाकों में ठंड और नमी दोनों बढ़ सकती हैं।
उत्तर भारत में बारिश और पहाड़ों पर बर्फ की मार
पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में जोरदार बर्फबारी का अनुमान लगाया गया है। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जिससे दिन के तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का असर और तेज महसूस होगा।
तापमान में उतार-चढ़ाव से बढ़ेगी ठिठुरन
अगले चार दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी संभव है, जिससे रात की भीषण ठंड से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि दिन के समय ठंडी हवाओं के चलते ठिठुरन बनी रहेगी और लोगों को सर्दी का एहसास लगातार होगा।
कई राज्यों में शीतलहर का अलर्ट
16 जनवरी को दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में गंभीर शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में भी शीतलहर चलने की आशंका जताई गई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
जनवरी के अंतिम सप्ताह में भी नहीं मिलेगी राहत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 22 से 28 जनवरी के बीच हिमालयी क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बर्फबारी हो सकती है। मैदानी इलाकों में भी महीने के अंत तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे नमी बढ़ेगी और ठंड का असर लंबे समय तक बना रहेगा।
लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
IMD ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। ठंड और बारिश को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने, गर्म कपड़े पहनने और मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की जरूरत है, ताकि किसी भी परेशानी से बचा जा सके।
Comments (0)