उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2014 से पहले खेल और खेल प्रतियोगिताएं सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल नहीं थीं। उस दौर में खेलों को गंभीरता से नहीं लिया जाता था और खिलाड़ियों को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाता था, जिससे प्रतिभाएं हतोत्साहित होती थीं।
बुनियादी सुविधाओं की कमी से होता था पलायन
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ी मजबूरी में दूसरे राज्यों या देशों की ओर पलायन करते थे। संसाधनों की कमी और अवसरों के अभाव के कारण कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी निराशा का शिकार हो जाते थे और उनका भविष्य अधर में लटक जाता था।
2014 के बाद बदली खेलों की तस्वीर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति दृष्टिकोण पूरी तरह बदल गया। नई नीतियों, आधुनिक ढांचे और स्पष्ट विजन के साथ एक ऐसी खेल संस्कृति विकसित हुई, जिसने खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का भरोसा दिया और खेलों को मुख्यधारा में ला खड़ा किया।
‘खेलो इंडिया’ से जुड़ा देश का युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘खेलो इंडिया खेलो’ अभियान के जरिए देश के युवाओं को खेलों से जोड़ा। इस पहल ने न केवल खेल प्रतिभाओं को पहचान दिलाई, बल्कि अनुशासन, स्वास्थ्य और राष्ट्र निर्माण की भावना को भी मजबूत किया।
गोरखपुर में अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिता का भव्य आयोजन
गोरखपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित पूर्वी क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय महिला बास्केटबॉल प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जताई। इस प्रतियोगिता में 14 राज्यों के 31 विश्वविद्यालयों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जो पांच दिनों तक अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
शिक्षा मंत्रालय और आयोजन समिति का आभार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतियोगिता के लिए गोरखपुर विश्वविद्यालय के चयन पर भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय का धन्यवाद किया। उन्होंने प्रतिभागी खिलाड़ियों, उनके कोच और आयोजन से जुड़े सभी लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन प्रदेश और देश की खेल संस्कृति को और मजबूत बनाते हैं।
खेल से सशक्त राष्ट्र की ओर कदम
योगी ने अपने संबोधन में कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण का माध्यम हैं। बीते 11 वर्षों में विकसित हुई खेल संस्कृति ने भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने की मजबूत नींव रखी है।
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