देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भारत-रूस व्यापार मंच को सोमवार को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि रूस ने साल 2022 से एशिया पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है। इससे सहयोग के कई और अवसर पैदा हुए हैं। मजबूत समवर्ती और गहरी दोस्ती का एक लंबा इतिहास हमें दोनों कारकों का पूरा लाभ उठाने का अवसर देता है। विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं, यह भी एक महत्वपूर्ण विचार है। ऐसा भारत के साथ साझेदारी जिसका बाजार आने वाले कई दशकों तक 8% विकास दर साथ-साथ विकास करेगा, दोनों देशों और दुनिया के लिए अच्छी होगी।
विदेश मंत्री ने कहा कि आज हमारा द्विपक्षीय व्यापार 66 बिलियन डॉलर है। इससे 2030 तक 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का लक्ष्य तर्कसंगत है। व्यापार संतुलन को तत्काल सुधारने की आवश्यकता है क्योंकि यह बहुत एकतरफा है।
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