इस बार के चुनाव में महिला वोटरों का इजाफा देखने को मिला, लेकिन संसद में महिलाओं की संख्या कम ही हुई है। 18वीं लोकसभा चुनाव के नतीजों से साफ है कि इस बार पिछली लोकसभा के मुकाबले कम महिला सांसद बैठेंगी। पिछली बार 78 फीसदी महिलाएं लोकसभा के लिए चुनी गई थी, जबकि इस बार महज 74 महिलाओं को लोकसभा में चुनकर भेजा गया है। यहां ममता बनर्जी का जिक्र करना इसलिए जरूरी है, क्योंकि उसके 29 सांसदों में 11 महिला सांसद जीत कर आई हैं। यूं तो टीएमसी उन पार्टियों में से हैं, जिसकी पार्टी महिला सांसदों के प्रतिनिधित्व की लिस्ट में पहले भी अव्वल रही हैं।
चुनाव नतीजों के बाद सियासी जानकार हर फैक्टर का विश्लेषण कर रहे हैं। ऐसे में M फैक्टर यानी मुस्लिम और महिलाओं का क्या रुख रहा इस पर भी चर्चा हो रही। इस चुनाव में महिला वोटरों की संख्या में इजाफा देखने को मिला।
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