मोहन भागवत ने विश्व में बढ़ते आक्रोश पर कहा कि, आधुनिक तकनीक से लेकर जनमानस की जिंदगी में सुधार के साधन-संसाधन मौजूद हैं। बावजूद इसके दुनिया में कलह नहीं मिट रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया में संघर्ष खत्म होने के बजाय बढ़ गए हैं और दुनिया के पास खुशी, समाधान और संतुष्टि लाने वाली चीजों को छोड़कर सब कुछ है।
इजरायल-हमास युद्ध पर बोले RSS चीफ
आरएसएस प्रमुख ने इजराइल-हमास युद्ध पर कहा कि, विश्व का दुख कम नहीं हो रहा है। दुनिया के कलह मिटे नहीं हैं, बल्कि और बढ़ गए हैं। पहले यूक्रेन विवाद शुरू हुआ और अब इसराइल-हमास संघर्ष शुरू हो गया है। एक तरफ सुविधाएं बढ़ी हैं लेकिन दूसरी ओर अपराध भी बढ़ गया है। उन्होंने अपने संबोधन में आगे कहा कि, ऐसे सालभर चलते रहना है। झगड़े खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि, भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जो विश्व को वो चीजें मुहैया करा सकता है, जिनकी आज दुनिया को जरूरत है। क्योंकि दुनिया के पास बाकी सब कुछ है, लेकिन खुशी, समाधान और संतुष्टि लाने वाली चीजें नहीं हैं।
दुनिया में दुष्टों से दुर्बलों की रक्षा करनी है
मोहन भागवत ने कहा कि, हमें और ताकतवर बनना होगा। दुनिया कभी दुर्बलों को नहीं मानती है। दुनिया उसकी बात मानती है, जिनके पास कोई शक्ति होती है। RSS चीफ ने कहा कि, जिस तरह गरीबों की मदद के लिए पैसा दान किया जाता है। उसी तरह कमजोरों की रक्षा के लिए शक्ति का होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि, व्यक्तिगत दृष्टि से अहिंसा नहीं करनी चाहिए। ये हमारे धर्म के मूल्यों में से एक है। RSS प्रमुख ने कहा कि, करुणा और अहिंसा, दो अलग बातें नहीं हैं, लेकिन दुनिया में दुष्टों से दुर्बलों की रक्षा करनी है। तो हाथ में हथियार उठाना पड़ता है।
Comments (0)