सुप्रीम कोर्ट द्वारा कावेरी नदी जल विवाद पर कर्नाटक को राहत देने से मना करने के बाद कुमारस्वामी ने राज्य सरकार पर तमिलनाडु को पानी छोड़ कर अपने गठबंधन सहयोगी DMK को 'खुश' करने का आरोप लगाया है। JDS नेता ने कावेरी मुद्दे पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की चुप्पी पर भी सवाल उठाया।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
आपको बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट ने 21 सितंबर 2023 को कर्नाटक को अगले 15 दिनों के लिए तमिलनाडु को 5,000 क्यूसेक पानी छोड़ने के कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के आदेश में हस्तक्षेप करने से साफ मना कर दिया था। इस मामले को लेकर JDS नेता कुमारस्वामी ने अपने 'एक्स' (ट्विटर) अकाउंट पर कांग्रेस सरकार पर कई आरोप लगाए।
कांग्रेस सरकार ने लोगों के हितों का बलिदान दिया
JDS नेता कुमारस्वामी ने कहा कि, कावेरी आदेश इस बात का सबसे अच्छा उदाहरण है कि, अगर सत्ता में बैठे लोगों को सिंचाई का न्यूनतम ज्ञान नहीं है तो क्या होगा ? राज्य (कांग्रेस) सरकार ने तमिलनाडु में अपने राजनीतिक गठबंधन के कारण लोगों के हितों का बलिदान दिया है। कुमारस्वामी ने आगे कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि, राज्य सरकार पर 10 अगस्त को CWMA की पहली बैठक के बाद से हर कदम पर 'विफल' रहने का भी आरोप लगाया।
कांग्रेस सरकार ने CWMA बैठकों को हल्के में लिया
उन्होंने अपने इस बयान में आगे कहा कि, राज्य की कांग्रेस सरकार ने CWMA बैठकों को बहुत हल्के में लिया। जब एचडी देवेगौड़ा ने राज्यसभा में कावेरी मुद्दा उठाया, तो कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को चुपचाप बैठे देखकर मैं हैरान रह गया। कावेरी मुद्दे पर उनका क्या रुख है?' वहीं बीएस येदियुरप्पा ने राज्य सरकार को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए तमिलनाडु सरकार के साथ बातचीत करने का सुझाव दिया।
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