New Delhi: टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा (Cash For Query Case) को लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने दो नवंबर को पेश होने के लिए बुलाया है। इससे पहले, महुआ को कमेटी ने 31 अक्टूबर को तलब किया था, लेकिन उन्होंने अपने व्यस्त कार्यक्रमों का हवाला देते हुए पेश होने के लिए और समय देने की मांग की थी। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने यह जानकारी दी है।
व्यस्त कार्यक्रमों का दिया हवाला
महुआ मोइत्रा ने शुक्रवार को 'एक्स' (जिसे पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था) पर लिखा था- मैं गवाही देने के लिए उत्सकु हूं, लेकिन अपने निर्वाचन क्षेत्र में पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों की वजह से मैं चार नवंबर तक व्यस्त हूं। इसलिए मैं कमेटी के सामने पेश होने में असमर्थ हूं।
26 अक्टूबर को वकील और भाजपा सांसद के दर्ज हुए बयान
इससे पहले, गुरुवार (26 अक्टूबर) को लोकसभा की एथिक्स कमेटी (Cash For Query Case) ने कैश फॉर क्वेरी मामले में वकील जय अनंद देहाद्राई और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के बयान दर्ज किए थे। इस दौरान दुबे ने महुआ मोइत्रा को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर क्या आरोप है?
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर उपहार और पैसे के बदले संसद में सवाल पूछने का आरोप है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर महुआ पर पैसे लेकर एक बिजनेसमैन के हित से जुड़े सवाल पूछने का आरोप लगाया है। इससे अब महुआ की संसद सदस्यता पर भी खतरा मंडराने लगा है।
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