विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कल यानी की मंगलवार को लगभग 75 सालों में संघर्ष और सहयोग के चक्र से गुजरे भारत-चीन संबंधों पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि,भारत-चीन के बीच संबंध आसान नहीं रहे हैं। जयशंकर ने कहा कि, मैं साल 2009 में, वैश्विक वित्तीय संकट के तुरंत बाद, 2013 तक राजदूत था। मैंने चीन में सत्ता परिवर्तन देखा और फिर मैं अमेरिका आ गया। विदेश मंत्री ने आगे कहा कि, युद्ध और सैन्य घटनाओं के इतिहास के बावजूद, साल 1975 के बाद से सीमा पर कोई सैन्य या युद्ध मृत्यु नहीं हुई है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि, भारत और चीन के तनावपूर्ण रिश्ते हाल ही में चीनी उकसावों से बढ़े हैं, जिसमें उसके "मानक मानचित्र" का 2023 संस्करण जारी करना।
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