वन नेशन, वन इलेक्शन पर शनिवार (23 सितंबर) यानी आज दिल्ली में हाई लेवल समिति की बैठक होनी है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के आवास पर सुबह 11 बजे आगे के रौडमैप तैयार किया जाएगा। इस बैठक में 8 सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति को दी गई शक्ति के संदर्भ में आगे बढ़ने के तौर तरीके पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक की अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे। 2 सितंबर को आठ सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति बनाई गई थी, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद, वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एन. के. सिंह के नाम शामिल हैं हालांकि कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पत्र लिखकर इस उच्च-स्तरीय समिति का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया था।
यह पूरी तरह से एक छलावा - अधीर रंजन चौधरी
अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि, मुझे उस समिति में काम करने से इनकार करने में कोई झिझक नहीं है, जिसका कार्यक्षेत्र उसके परिणाम की गारंटी प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। यह पूरी तरह से एक छलावा है। इसके अलावा इस कमेटी में वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे, पूर्व लोकसभा महासचिव सुभाष कश्यप और पूर्व सीवीसी संजय कोठारी भी है। कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल समिति की बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर शामिल रहेंगे तो वहीं कानून सचिव नितिन चंद्रा समिति के सचिव होंगे। इस कमेटी को लेकर कानून मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें कहा गया कि एक साथ चुनाव करना वांछनीय है। ऐसे में भारत सरकार एक कमेटी का गठन करने जा रही है। एक तरफ केंद्र सरकार वन नेशन, वन इलेक्शन पर जोर दे रही है तो वहीं विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ इसे देश के संघीय ढांचे के लिए एक खतरा बता रही है।Read More: उदयनिधि स्टालिन को मिला कमल हासन का साथ, छोटे बच्चे को निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि...
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