भोजपुरी लोकगायिका शारदा सिन्हा का निधन हो गया है. दिल्ली के एम्स अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली. ये उनके चाहनेवालों के लिए बेहद दुखभरी खबर है. अपनी मधुर आवाज से फैंस का दिल जीतने वाली शारदा अब हमेशा के लिए चुप हो गई हैं।
शारदा सिन्हा की तस्वीर शेयर करते हुए उनके निधन की खबर की पुष्टि बेटे अंशुमन सिन्हा ने कर दी है. सिंगर के इंस्टाग्राम अकाउंट पर फोटो पोस्ट करते हुए अंशुमन ने लिखा, 'अंशुमन सिन्हा द्वारा किया गया पोस्ट. आप सब की प्रार्थना और प्यार हमेशा मां के साथ रहेंगे. मां को छठी मईया ने अपने पास बुला लिया है. मां अब शारीरिक रूप में हम सब के बीच नहीं रहीं.'
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक
लोकगायिका शारदा सिन्हा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है. शारदा संग फोटो शेयर करते हुए मोदी ने X पर लिखा, 'सुप्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है. उनके गाए मैथिली और भोजपुरी के लोकगीत पिछले कई दशकों से बेहद लोकप्रिय रहे हैं. आस्था के महापर्व छठ से जुड़े उनके सुमधुर गीतों की गूंज भी सदैव बनी रहेगी. उनका जाना संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है. शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं. ओम शांति!'
छठ के मौके पर रिलीज हुआ आखिरी गाना
शारदा सिन्हा का अंतिम छठ गीत भी एक दिन पहले ही रिलीज किया गया था. हालांकि इस गाने की रिकॉर्डिंग पहले ही हो गई थी. लेकिन छठ के मौके पर ही उनके नए गीत रिलीज किए जाते थे. और छठ के पर्व के पहले ही दिन गायिका ने दुनिया को अलविदा कह दिया. शारदा सिन्हा के नए छठ गीत का नाम 'दुखवा मिटाईं छठी मइया' है. यह उनका आखिरी छठ गीत है.
सोमवार को बिगड़ी तबियत
सोमवार रात खबर आई थी कि शारदा की हालत गंभीर है और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है. 2018 में उन्हें मल्टिपल मायलोमा होने की खबर सामने आई थी. ये एक घातक किस्म का ब्लड कैंसर है. तभी से लगातार उनका इलाज चल रहा था.
शारदा सिन्हा के बेटे अंशुमन सिन्हा ने सोशल मीडिया पर सिंगर की हेल्थ को लेकर अपडेट शेयर किया था. शारदा सिन्हा के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर लाइव आकर अंशुमन ने बताया था कि उनकी मां की हालत गंभीर है और डॉक्टर्स अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं. शारदा सिन्हा कैंसर से जूझ रही थीं और उन्हें 26 अक्टूबर को एम्स, दिल्ली में भर्ती करवाया गया था.
'बिहार कोकिला' शारदा सिन्हा
1 अक्टूबर 1952 को सुपौल, बिहार में जन्मीं शारदा सिन्हा ने अपने अधिकतर गाने मैथिली और भोजपुरी भाषाओं में गाए. उन्हें 1991 में पद्म श्री और 2018 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था. 'बिहार कोकिला' कही जाने वालीं शारदा ने बॉलीवुड समेत, भोजपुरी फिल्मों के लिए भी गीत गाए लेकिन वो प्रमुख तौर पर अपने छठ गीतों के लिए बहुत पॉपुलर हुईं.
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