मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अपने एक अहम आदेश में कहा है कि राज्य सरकार और न्यायालय की सभी चयन परीक्षाओं में अनारक्षित (जनरल) पदों को केवल सभी वर्गों के प्रतिभावान अभ्यर्थियों से ही भरा जाए।
इस आदेश का उद्देश्य आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं करना है। मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के संदर्भ में लिया है, जो इस प्रकार के मामलों पर स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदान करता है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अपने एक अहम आदेश में कहा है कि राज्य सरकार और न्यायालय की सभी चयन परीक्षाओं में अनारक्षित (जनरल) पदों को केवल सभी वर्गों के प्रतिभावान अभ्यर्थियों से ही भरा जाए।
Comments (0)