Sikkim: सिक्किम के सिंगतम में बादल फटने (Cloudburst in Sikkim) के बाद बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने स्थिति का जायजा लिया है। गुवाहाटी के रक्षा पीआरओ ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तरी सिक्किम में ल्होनक झील के ऊपर अचानक बादल फटने से लाचेन घाटी के तीस्ता नदी में अचानक बाढ़ आ गई। घाटी में कुछ सेना के जवान प्रभावित हुए हैं। 23 सेना जवान के लापता होने की सूचना है और कुछ वाहनों के कीचड़ में डूबे होने की खबर है। तलाशी अभियान अभी जारी है।
सेना के 23 जवान लापता
गुवाहाटी में रक्षा PRO ने कहा, 'उत्तरी सिक्किम में ल्होनक झील पर अचानक बाढ़ आ गई। 23 जवान लापता हैं। चुंगथांग बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नीचे की ओर 15-20 फीट की ऊंचाई तक जल स्तर अचानक बढ़ गया। इससे सिंगताम के पास बारदांग में खड़े सेना के वाहन प्रभावित हो गए। सेना के 23 जवानों के लापता होने और 41 गाड़ियों के कीचड़ में डूबे होने की खबर है।
सार्वजनिक संपत्तियों को पहुंचा नुकसान
बीजेपी नेता उग्येन शेरिंग ग्यात्सो भूटिया (Cloudburst in Sikkim) ने बताया, "सरकारी तंत्र को लगाकर लोगों की जान बचाई जा रही है जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है। किसी जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है लेकिन सिंगतम में सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। कुछ लोगों के गुमशुदा होने की सूचना है जिन्हें ढूंढने की कोशिश चल रही है।"
जब थराली के सोल क्षेत्र में देर रात फटा बादल
इससे पहले 18 अगस्त को उत्तराखंड में चमोली (Cloudburst in Sikkim) के थराली क्षेत्र में भारी बारिश के बाद बादल फटने की घटना सामने आई थी। बादल फटने के बाद प्राणमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बहने लगा था और पिंडर नदी भी उफान पर आ गई थी। नदियों का पानी लोगों के घरों और शिव मंदिर में घुस गया था। इससे भारी नुकसान हुआ था। कई घर क्षतिग्रस्त हो गए थे।
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