इजरायल-हमास के बीच जंग का असर भारत में भी साफ दिखने लगा है। एक तरफ पीएम मोदी ने इजरायल को समर्थन जताया है तो वहीं, कई विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर फिलिस्तीन का खुलकर समर्थन किया है। इसी क्रम में कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर, सांसद दानिश अली समेत कई दलों के नेताओं ने फिलिस्तीनी राजदूत अदनान अबू अलहैजा से मुलाकात कर के उन्हें अपना समर्थन दिया है।
हम अंधाधुंध बमबारी की कड़ी निंदा करते हैं
आपको बता दें कि, फिलिस्तीनी राजदूत से मिलने पहुंचे कांग्रेस के सीनियर नेता मणिशंकर अय्यर, कांग्रेस नेता दानिश अली, मोहम्मद अदीब, डी राजा, शाहिद सिद्दीकी, नीतीश कुमार की पार्टी के नेता के सी त्यागी और मोहम्मद जावेद ने उन्हें अपना समर्थन दिया है। वहीं मुलाकात के बाद इन नेताओं ने कहा कि, हम गाजा में चल रहे संकट और फिलिस्तीनी लोगों की पीड़ा के बारे में अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। विपक्षी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि, हम फ़िलिस्तीनियों पर अंधाधुंध बमबारी की कड़ी निंदा करते हैं, यह नरसंहार का प्रयास है।
दुर्दशा खत्म करने का समय आ गया
विपक्षी नेताओं ने कहा कि, फिलिस्तीनी लोगों ने 75 वर्षों से अधिक समय तक अपार पीड़ा सहन की है। अब उनकी दुर्दशा को खत्म करने का वक्त आ गया है। नेताओं ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुसार 1967 की सीमाओं पर एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना को मान्यता देने का आग्रह किया। इन सभी विपक्षी नेताओं ने कहा कि, फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष का उचित और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उससे फिलिस्तीनी लोगों को अपनी नियति निर्धारित करने और शांति और सुरक्षा में रहने का अवसर मिलेगा।
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