दिल्ली की मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एक लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के बजट की तुलना में 31.5 प्रतिशत अधिक है।गुप्ता ने इसे ‘‘ऐतिहासिक बजट” करार दते हुए इस बात पर जोर दिया कि ‘‘भ्रष्टाचार और अक्षमता” का दौर अब समाप्त हो गया है, क्योंकि सरकार ने पूंजीगत व्यय को दोगुना कर 28,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया है। इस बढ़े हुए व्यय को सड़क, सीवर प्रणाली और जलापूर्ति सहित बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च किया जाएगा।
बजट में बिजली, सड़क, पानी और संपर्क समेत 10 प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। दिल्ली सरकार ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बेहतर परिवहन संपर्क के लिए 1,000 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव भी किया। कल्याणकारी कदम के तहत पात्र महिलाओं को 2,500 रुपये प्रति माह देने के लिए 5,100 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
इसके अलावा ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के लिए 2,144 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसका मकसद राष्ट्रीय राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है। भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार ने दिल्ली में 26 वर्ष के बाद बजट प्रस्तुत किया है।
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