योगी सरकार ने विधानसभा में कल अपना 9वां बजट पेश किया। जिसको लेकर चर्चा का बाजार गर्म है। योगी कैबिनेट ने इसे ऐतिहासिक बताया। वहीं विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा हैं। इसी बीच अखिलेश यादव ने बजट पर निशाना साधा और इसे बाहर से बड़ा और अंदर से पूरी तरह खोखला बताया। सपा मुखिया ने कहा कि जनता पूछ रही है कि‘प्रवचन’तो आ गया बजट कब आएगा? अखिलेश ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि ये बजट नहीं बड़ा ढोल है, जिसमें आवाज तो बहुत है पर अंदर से खाली है। ये खोखला बजट है। इस बजट का झोला खाली है। जनता को लग रहा है बजट आया ही नहीं, वो पूछ रही है कि‘प्रवचन’ तो आ गया बजट कब आएगा? बजट देखकर किसानों की उम्मीद का खेत सूख गया है। महिलाओं के माथे पर घर चलाने की चिंता की लकीरें और बढ़ गई है। जनता पूछ रही है कि जुमला मंत्रालय को कितना बजट दिया गया है।
बजट देखकर बेरोजगारों की आंखों में अंधेरा छा गया
सपा मुखिया ने आगे कहा कि योगी सरकार का बजट देखकर बेरोजगारों की आंखों के आगे अंधेरा छा गया है। व्यापारियों, कारोबारियों और दुकानदारों पर मंदी की मार और गहरा गई है। भाजपा के मंत्री और विधायकों के गले सूख गये हैं क्योंकि अपने विभागों और विधानसभाओं में तो उन्हें ही महंगाई, बेरोज़गारी, बेकारी से जूझ रहे लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। बुनकरों का ताना-बाना रूक गया है। हथकरघे खामोश हो गये है।
जनता को नई सरकार चुनने का मौका
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली नहीं दी गई, जैसा कि वादा किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि 9 बजटों के बावजूद किसी को कोई लाभ नहीं मिला। अखिलेश ने गन्ने की कीमतों में बढ़ोतरी न करने पर भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार गन्ना किसानों के हित में कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई। उन्होंने इसे इनकी अंतिम बार का बजट बताया और कहा कि जनता को नई सरकार चुनने का मौका मिलेगा।
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