जगन्नाथ पुरी के बाद मां वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए भी सरकार ने शर्तें लागू कर दी है। आदेशों के मुताबिक, लोगों को सख्ती से इन नियमों का पालन करना होगा। 15 अक्टूबर से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्रि से वैष्णो माता के दर्शन और आरती करते समय शालीन वस्त्र पहनना अनिवार्य किया गया है। जारी आदेश के अनुसार, अब छोटे कपड़े, निक्कर, कैप्री और टी-शर्ट आदि पहन कर दर्शन करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
जागरुकता के लिए जगह-जगह बोर्ड भी लगाए गए
इस संबंध में श्राइन बोर्ड प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। श्रद्धालुओं के पहनावे पर श्राइन बोर्ड प्रशासन की कड़ी नजर रखी जाएगी। जागरुकता के लिए जगह-जगह बोर्ड भी लगाए गए हैं। सब डिविजनल मजिस्ट्रेट भवन की ओर से जगह-जगह पर यह ऑर्डर लगवा दिए गए हैं। वहीं श्रद्धालुओं ने कहना है कि हम प्रशासन के इस फैसले का स्वागत करते हैं। हमें शालीन कपड़े पहन कर ही मां वैष्णो देवी के दर्शन करने आना चाहिए और आरती में बैठना चाहिए।
महाकाल मंदिर के गर्भगृह में भी एंट्री करने पर ड्रेस कोड लागू
वहीं मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर के गर्भगृह में भी एंट्री करने पर ड्रेस कोड लागू है। पुरुषों के लिए धोती-सोला पहनना अनिवार्य किया गया है। महिलाओं को साड़ी पहननी होगी। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया था। उज्जैनवासियों को सप्ताह में एक दिन मंगलवार को भस्म आरती करने के लिए फ्री एंट्री दी जाएगी। इसके लिए भी एक संख्या तय की जाएगी, क्योंकि 2 से ढाई लाख श्रद्धालु हर रोज महाकाल के दर्शन करने आते, लेकिन सभी को गर्भगृह में एंट्री नहीं दे सकते।
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