केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि, वह अपनी पार्टी के राजनीतिक गुरु' हैं और इसी अहंकार के कारण अमेठी में उनकी हार हुई। उन्होंने कहा कि, आज राष्ट्रीय मोर्चे पर विपक्षी दलों का जो गठबंधन है, उसने 2019 में अमेठी में चुनाव लड़ा था और तब भी उन्होंने राहुल गांधी को हराया था।
राहुल गांधी के अंहकार ने उन्हें हराया
स्मृति ईरानी से पूछा गया था कि, बीजेपी केरल में एक भी सीट क्यों नहीं जीत पाई और क्या वह इसकी भरपाई करने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ (केरल में) मुकाबला करेंगी इसके जवाब में कहा कि, राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के राजनीतिक गुरु हैं और मैं भाजपा की राजनीतिक कार्यकर्ता हूं। राजनीतिक गुरु और कार्यकर्ता होने के बीच बहुत बड़ा राजनीतिक अंतर है। उन्होंने दावा किया, ‘‘मुझे लगता है कि, यह वही अहंकार है, जिसके चलते अमेठी लोकसभा क्षेत्र के पांच विधानसभा क्षेत्रों में से 4 में जमानत भी नहीं बचा पाई।
मोदी तीसरे कार्यकाल के लिए फिर से चुने जाएंगे
उन्होंने पत्रकारों से चर्चा में आगे कहा कि, 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस अमेठी में अकेले चुनाव नहीं लड़ी थी। वे समाजवादी पार्टी और बसपा के समर्थन से लड़े, इसलिए आज आप राष्ट्रीय मोर्चे पर जो गठबंधन देख रहे हैं, यह वही गठबंधन है, जिसके खिलाफ मैंने 2019 में अमेठी में चुनाव लड़ा था। ईरानी ने कहा कि, विपक्षी दलों का एक साथ आना इस बात का सबसे बड़ा संकेत है कि, मोदी तीसरे कार्यकाल के लिए फिर से चुने जाएंगे।
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