वक्फ बोर्ड और सनातन बोर्ड को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री बड़े ही मुखर हो कर बोलते हैं। उनका मानना है कि, देश में वक्फ बोर्ड बंद होने चाहिए। अगर नहीं हुआ तो एक सनातन बोर्ड का भी गठन होना चाहिए। वहीं आगे शास्त्री ने कहा कि, या तो वक्फ बोर्ड के अधिकार खत्म किए जाए या फिर हमें सनातन बोर्ड दिया जाए। अगर वक्फ बोर्ड नहीं हटा तो एक दिन ये लोग बागेश्वर धाम को भी अपनी प्रॉपर्टी बता देंगे।
संविधान में वक्फ बोर्ड जैसा कोई कानून है ही नहीं
बाबा बागेश्वर ने कहा कि, इस देश में एक नियम लागू होगा। एक देश में एक कोर्ट होगा। जब उनके पास विशेष अधिकार है तो हम भी तो इस देश की नागरिक हैं। उनको क्यों विशेष अधिकार मिल रहे हैं। हमें क्यों नहीं मिल रहे। उनके अधिकार खत्म हो या हमें दिया जाए बस इसलिए हम सब लोग सनातन बोर्ड की मांग कर रहे हैं। पं. धीरेंद्र शास्त्री ने पीएम मोदी की बात का समर्थन करते हुए कहा कि, संविधान में वक्फ बोर्ड जैसा कोई कानून है ही नहीं। इसे प्रायोजित तरीके से एक विशेष वर्ग को खुश करने के लिए जोड़ा गया है।
वक्फ वोर्ड के चलते क्या खामियां नजर आईं ?
वक्फ बोर्ड की सबसे बड़ी खामी के बारे में बताते हुए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि, जो सार्वजनिक जगह पर कीमती जमीन और हिंदुओं की कीमती जमीन या फिर सरकार की खाली पड़ी जमीन होती है। उसे ये वक्फ बोर्ड का बता देते हैं। वक्फ बोर्ड दूसरों की जमीनों पर अधिपत्य जमाकर धमकियां देता है। ऐसे बहुत सारे मामले सामने आए हैं। बाबा ने यहां आगे बोलते हुए कहा कि, अगर ये वक्फ बोर्ड नहीं हटेगा तो ये बागेश्वर धाम को अपनी प्रॉपर्टी बता देंगे, यह तय है।
यह धर्मसंसद से दंगा करने के लिए कहते हैं
बाबा बागेश्वर ने कहा कि, दिक्कत क्यों नहीं होना चाहिए। धर्म संसद का मतलब यह नहीं है कि, किसी दूसरे के ऊपर अधिकार दिखाएं या किसी दूसरे को नीचा दिखाएं या दंगा करवा दे। उनकी धर्म संसद का खेल ही अलग है। यह धर्मसंसद से दंगा करने के लिए कहते हैं। यह अपनी धर्म संसद जो भी करते हैं, उसमें उल-जलूल बातें करते हैं। धमकियां देते हैं, एकता दिखाते हैं। पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि, एक जगह एक भाई साहब ने बैठक ली थी। वह कह रहे थे मुसलमान के युवाओं इकट्ठे हो जाओ। अपनी मस्जिदों को बचाने के लिए तुम्हें कुछ भी करना पड़े, करो। हम कहते हैं, ठीक है, मस्जिदों को बचाना चाहिए पर मंदिरों को भी नहीं तोड़ना चाहिए।
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