आईआईटियन बाबा ऊर्फ अभय सिंह महाकुंभ मेला क्षेत्र में आने के बाद काफी चर्चित हुए थे। उन्होंने महाकुंभ 2025 में अपने इंटरव्यू के बाद सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोरी। अभय सिंह (IITian बाबा) ने IIT बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की है। मास्टर की डिग्री हासिल कर और फिर कनाडा में एक बढ़िया नौकरी के बाद भी जब अभय को आंतरिक शांति नहीं मिली तो उन्होंने आध्यात्मिक की दुनिया में कदम रखा। आध्यात्मिकता से लेकर विज्ञान तक, अभय सिंह कई मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं, जिसकी वजह से कई लोग उनकी तारीफ भी करते हैं। वो जूना अखाड़ा के महंत सोमेश्वर पुरी के शिष्य हैं।
10वीं और 12वीं में कैसा था रिजल्ट?
उनके जिंदगी से जुड़ी कई बातें सामने आ चुकी है। इसी बीच ET की रिपोर्ट में उनकी 10वीं और 12वीं क्लास की मार्कशीट से जुड़ी जानकारी का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, 10वीं की बोर्ड परीक्षा में उन्हें 93 प्रतिशत अंक मिले थे। वहीं, 12वीं में उन्हें 92.4 प्रतिशत नंबर आए थे। यह रिजल्ट इस बात की गवाही देती है कि वो बचपन से पढ़ाई में काफी तेज थे। 2008 आईआईटी-जेईई परीक्षा में उनका ऑल इंडिया रैंक 731 था।
जूना अखाड़े से क्यों निकाले गए अभय सिंह?
बता दें कि अभय जूना अखाड़े से निष्कासित कर दिए गए हैं। अखाड़े का कहना है कि संन्यास में अनुशासन और गुरु के प्रति समर्पण महत्वपूर्ण है। इसका पालन न करने वाला संन्यासी नहीं बन सकता। उनकी गुरु सोमेश्वर पुरी से अनबन हो गई, जिसके बाद गुरु ने उन्हें शिविर से बाहर निकाल दिया, लेकिन इंजीनियर बाबा ने मेला नहीं छोड़ा। उन्होंने दूसरे संत के शिविर में आसरा ले लिया। आईआईटियन बाबा के अनुसार, उनके लाइमलाइट में आने से बाबा सोमेश्वर पुरी परेशान हो गए थे। इससे उन्हें शिविर छोड़ने के लिए कहा गया।
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